उत्तराखंड की राजनीति में साल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने एक प्रमुख हिंदी न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में बड़े संकेत देते हुए कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।
भाजपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री धामी के कामकाज की सराहना
धामी के नेतृत्व पर शीर्ष नेतृत्व की मुहर
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने साफ किया कि धामी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य में विकास और सुशासन का एक ठोस मॉडल पेश किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि धामी ने न केवल प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाई है, बल्कि राज्य के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने में भी सफलता हासिल की है। भाजपा अध्यक्ष का यह बयान उन तमाम अटकलों पर विराम लगाता है जो राज्य में नेतृत्व परिवर्तन या नए चेहरे को लेकर लगाई जा रही थीं।
विकास का पैमाना और जनता की अपेक्षाएं
साक्षात्कार के दौरान नितिन नबीन ने माना कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य की अपनी भौगोलिक और सामाजिक चुनौतियां हैं, लेकिन धामी के नेतृत्व में शासन व्यवस्था और आम लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2027 के रण में पार्टी मुख्यमंत्री धामी को ही चेहरा बनाकर मैदान में उतरेगी, क्योंकि उनकी छवि एक युवा, ऊर्जावान और निर्णायक मुख्यमंत्री की रही है।
प्रधानमंत्री और दिग्गज नेताओं का मिल चुका है साथ
यह पहली बार नहीं है जब धामी के काम को सराहा गया हो। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने देहरादून दौरे के दौरान धामी सरकार के विजन की तारीफ की थी। राजनाथ सिंह ने हल्द्वानी के एक कार्यक्रम में उन्हें राजनीति का “धुरंधर” बताया था। गृह मंत्री अमित शाह ने भी हरिद्वार दौरे पर राज्य सरकार की नीतियों को जनहितकारी बताते हुए उत्तराखंड में भाजपा की 'हैट्रिक' लगने का भरोसा जताया था।
2027 की चुनावी रणनीति
भाजपा के शीर्ष नेताओं का लगातार समर्थन यह दर्शाता है कि पार्टी उत्तराखंड में किसी भी तरह के राजनीतिक जोखिम से बचकर 'निरंतरता' के फॉर्मूले पर चलना चाहती है। 2027 के चुनाव में धामी के चेहरे को आगे रखकर पार्टी अपनी विकास योजनाओं और 'सुशासन' के एजेंडे को जनता के बीच ले जाएगी।
