Madhya Pradesh News: इटारसी के सिलवानी डंप साइट पर NGT का सख्त रुख, पर्यावरण क्षरण और बायो-माइनिंग में लापरवाही पर नोटिस जारी

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के इटारसी स्थित सिलवानी (पाथरोटा) की कचरा डंप साइट पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन और प्रदूषण की शिकायतों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। आरोप है कि पुराने कचरे के वैज्ञानिक निपटान के बजाय उसे खुले में जलाया और जमीन में दबाया जा रहा है, जिससे हवा, मिट्टी और भूजल दूषित हो रहे हैं।

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी स्थित सिलवानी (पाथरोटा) के पुराने कचरे (Legacy Waste) के डंप साइट पर पर्यावरण को हो रहे गंभीर नुकसान को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सेंट्रल जोन बेंच, भोपाल ने कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कलेक्टर नर्मदापुरम, नगरपालिका परिषद इटारसी और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

NGT

मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर, 2026 को तय (फोटो- ANI)

क्या है पूरा मामला?

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत, इटारसी के नगरपालिका परिषद ने दिसंबर 2023 में मैसर्स एस.आर. मैप टेक्नोलॉजीज (ग्वालियर) को सिलवानी डंप साइट पर लगभग 31,400 मीट्रिक टन पुराने कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निपटान (बायो-माइनिंग) का कार्य सौंपा था। इस अनुबंध की अनुमानित लागत 1,72,90,900 रुपये थी, जिसे चार महीने के अंदर पूरा किया जाना था। हालांकि, आरोप है कि इस परियोजना को तय नियमों, कार्य आदेश और सीपीसीबी (CPCB) के दिशानिर्देशों के बिल्कुल विपरीत चलाया जा रहा है।

End of Feed