लखनऊ/दरभंगा: देश भर में चल रहे पेपर लीक के विवाद के बीच छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मोहनलालगंज और बिहार के दरभंगा में अलग-अलग प्रदर्शन देखने को मिले, जहां छात्रों ने अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ के खिलाफ आवाज़ उठाई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छात्रों को खदेड़ा तो
पेपर लीक के खिलाफ सड़क पर उतरे छात्र-वकील
मोहनलालगंज में वकीलों का मिला साथ
मोहनलालगंज तहसील में छात्रों के समर्थन में आयोजित धरना-प्रदर्शन में भारी संख्या में लोग जुटे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए इसे छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ करार दिया। इस प्रदर्शन में अधिवक्ता निरंकार यादव, संग्राम सिंह, अनिल यादव, प्रभात सिंह, धीरेन्द्र दीक्षित और विशाल दीक्षित सहित कई गणमान्य अधिवक्ता शामिल हुए। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। शांतिपूर्ण ढंग से चले इस प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दरभंगा में प्रदर्शन ने पकड़ा हिंसक रूप
वहीं, दूसरी ओर बिहार के दरभंगा में छात्रों का विरोध मार्च हिंसक हो गया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद जब भीड़ तितर-बितर हो रही थी, तभी कुछ प्रदर्शनकारी लोहिया चौक के पास उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोहिया चौक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी मनोज तिवारी, जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और पांच उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। प्रशासन ने आयोजकों को भी आड़े हाथों लिया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन की अनुमति के बावजूद आयोजक भीड़ को नियंत्रित रखने में विफल रहे, इसलिए उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
