Lonavala News: महाराष्ट्र के लोनावला में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां नवी मुंबई की रहने वाली 19 वर्षीय युवती की लाश करीब 400 फीट गहरी खाई से बरामद की गई। टाइगर पॉइंट वैली और ड्यूक्स नोज इलाके में हुई इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है।
टाइगर पॉइंट वैली में सर्च ऑपरेशन चलाती रेस्क्यू टीम
ट्रेकिंग के दौरान लापता हुई थी युवती
नवी मुंबई में लॉ की पढ़ाई कर रही 19 वर्षीय श्रेया पति 31 जनवरी को दोस्तों के साथ ट्रेकिंग के लिए लोनावला आई थी। वह लोनावला के प्रसिद्ध 'ड्यूक्स नोज' (Duke’s Nose) इलाके में ट्रेकिंग के लिए निकली थी। जब वह शाम तक घर नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो 1 फरवरी की सुबह लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
टाइगर पॉइंट पर मिले बैग ने दिया सुराग
तलाशी के दौरान पुलिस को टाइगर पॉइंट वैली के पास एक लावारिस बैग मिला, जिसकी शिनाख्त श्रेया के सामान के रूप में हुई। इसके तुरंत बाद, स्थानीय पुलिस ने शिवदुर्ग रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया। दोपहर करीब 2:30 बजे एक बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। शुरुआती जांच में डॉग स्क्वायड की मदद ली गई, लेकिन घनी झाड़ियों और गहरी ढलान के कारण सफलता नहीं मिल रही थी।
शिवदुर्ग टीम का साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन
खाई की गहराई और दुर्गम रास्तों को देखते हुए पुलिस ने हाई-टेक ड्रोन और लाइटनिंग ड्रोन का सहारा लिया। शाम करीब 4:45 बजे ड्रोन कैमरों की मदद से श्रेया की बॉडी 390 फुट नीचे खाई में दिखाई दी। अंधेरा होने के बावजूद, शिवदुर्ग रेस्क्यू टीम के जांबाज सदस्यों ने रस्सियों और स्ट्रेचर की मदद से मौत के कुएं जैसी खाई में उतरने का फैसला किया।
5 घंटे चला 'डेथ वैली' में ऑपरेशन
बेहद खतरनाक ढलान, कंकड़ और अंधेरे के बीच वॉकी-टॉकी के जरिए तालमेल बिठाते हुए टीम नीचे पहुंची। काफी मशक्कत के बाद श्रेया के शव को स्ट्रेचर पर बांधकर सुरक्षित ऊपर लाया गया। रात करीब 9:30 बजे रेस्क्यू टीम ने शव को पुलिस प्रशासन के हवाले कर दिया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह महज एक पैर फिसलने का हादसा था या इसके पीछे कोई और कारण है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों पर स्पष्टता आने की उम्मीद है।
