साढ़े 11 हजार फीट की ऊंचाई पर बर्फ की पहाड़ियों के बीच योग, सोवा-रिग्पा संस्थान ने लेह में किया विशेष कार्यक्रम

मंगलवार यानी 25 मार्च को लेह में राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान (NISR) के परिसर में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह संस्थान भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्थान है। संस्थान सोवा-रिग्पा के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए समर्पित है। योग के इस कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की 100 दिन की उलटी गिनती कार्यक्रम के तहत आयोजित की जा रही गतिविधियों के एक बाग के रूप में आयोजित किया गया।

NISR ने हिमालय की गोद में मौजूद लेह, लद्दाख में 11 हजार 562 फीट यानी 3525 मीटर की ऊंचाई पर इस विशेष योग सत्र का आयोजन किया। संस्थान अपने कर्मचारियों और छात्रों सहित NISR की टीम ने आयुष मंत्रालय के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान की ओर से विकसित सामान्य योग प्रोटोकॉल (CYP) के अनुसार योग सत्र का आयोजन किया गया।

yoga event in Leh

11 हजार फीट की ऊंचाई पर योग

इस आयोजन को देखते हुए कहा जा सकता है कि बर्फ से ढकी चोटियां, ठंडी पहाड़ी हवा और लेह का शांत माहौल एकदम सही जगह थी। NISR की निदेशक डॉ. पद्मा गुरमेत ने इस अवसर पर कहा, 'योग महज एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन का एक तरीका है जो शरीर और मन दोनों को पोषित करता है। आज की तेज-रफ्तार दुनिया में, योग आंतरिक संतुलन, मानसिक स्पष्टता और शारीरिक तंदुरुस्ती हासिल करने का एक शक्तिशाली उपकरण है। योग के माध्यम से, हम न केवल लोगों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए लचीलापन, सद्भाव और समग्र स्वास्थ्य विकसित करते हैं। लेह की राजसी ऊंचाइयों पर, हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि योग सीमाओं से परे है, जो हमें तंदुरुस्ती और शांति की खोज में एकजुट करता है।'

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