देहरादून : गढ़वाल क्षेत्र को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देने की दिशा में नजीबाबाद-कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना पर तेजी से काम जारी है। कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए डबल लेन सड़क, चार लेन बाईपास समेत कई परियोजनाओं को उतारा गया है। इन परियोजनाओं से दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों तक आवागमन आसान होगा सकेगा। इसके लिए 691 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। सीएम धामी ने कहा कि डबल इंजर की सरकार में पहाड़ों पर कनेक्टिविटी को बेहतर किया जा रहा है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी
सीएम ने 'एक्स' पर लिखा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचाने और सड़क इंफ्रास्ट्रचर को मजबूत करने की दिशा में डबल इंजन सरकार लगातार तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में ₹691 करोड़ से अधिक की लागत से कोटद्वार डबल लेन रोड का निर्माण किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण परियोजना क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के साथ-साथ विकास की रफ्तार को भी नई गति प्रदान करेगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में नजीबाबाद-कोटद्वार हाईवे से जुड़ी जानकारी साझा की थी। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच 15.56 किलोमीटर लंबे हिस्से को दो लेन और पक्के शोल्डर के साथ विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना की कुल पूंजीगत लागत 107.43 करोड़ रुपये बताई गई थी और उस समय करीब 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था।
यह सड़क गढ़वाल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। नजीबाबाद की ओर से कोटद्वार और आगे पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों और वाहनों के लिए यह मार्ग अहम भूमिका निभाता है। सड़क के चौड़ीकरण और सुधार से यातायात को सुगम बनाने के साथ सफर के समय और आवाजाही से जुड़ी परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा कोटद्वार में 5.95 किलोमीटर लंबे चार लेन बाईपास की भी योजना है। राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, जमीन का कब्जा/हस्तांतरण उपलब्ध नहीं होने के कारण पहले की टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। जमीन से जुड़ी अड़चन दूर होने के बाद बाईपास के लिए अलग से दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जानी है।
बाईपास के बनने से कोटद्वार शहर में यातायात का दबाव कम करने और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग के चौड़ीकरण से मैदानी क्षेत्र और गढ़वाल के बीच संपर्क और मजबूत होगा। इस पूरे सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का उद्देश्य कोटद्वार को पहाड़ी क्षेत्रों के लिए एक बेहतर प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करना और यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय कारोबार व आर्थिक गतिविधियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है।
