महाराष्ट्र के ठाणे में येवई और काशेली को मुलुंड से जोड़ने वाली 21 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने की परियोजना शुरू की। इसके बनने से इन इलाकों में पानी की कमी की समस्या खत्म हो जाएगी। यह नई सुरंग जल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को बढ़ाएगी, जबकि मौजूदा पाइपलाइन नेटवर्क बैकअप के रूप में काम करेगा।
फाइल फोटो।
दो चरणों में होगा काम
आपको बता दें कि इस परियोजना का काम दो चरणों में किया जाएगा। इसका अनुमानित बजट करीब 4,500 करोड़ रुपये है। नगर पालिका के अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में कुछ दिनों पहले ही आदेश जारी हुए थे। साथ ही एक महीने के अंदर सुरंग का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। काशेली को मुलुंड से जोड़ने वाली परियोजना मुंबई-नासिक राजमार्ग के चल रहे विस्तार का पूरक होगी।
मार्च में जारी हुआ था टेंडर
जानकारी के अनुसार, इस लिंक के अलावा बीएमसी येवई जलाशय से काशेली (भिवंडी) तक एक जल सुरंग का निर्माण करेगी। मार्च में, बीएमसी के जल आपूर्ति परियोजना विभाग ने येवई से काशेली तक 14 किलोमीटर लंबी सुरंग और काशेली से मुलुंड तक सात किलोमीटर लंबी सुरंग के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया था।
कब तक पूरा होगा काम?
इसके बाद अब करीब सात महीने बाद ठेकेदार को नियुक्त किया गया है। बता दें कि दोनों सुरंगों के पूरा होने में करीब छह से सात साल लगने की उम्मीद है। इस नए बुनियादी ढांचे में न केवल अधिक क्षमता होगी, बल्कि पानी लीकेज की समस्या भी कम हो जाएगी। 2024-25 के बजट में इस परियोजना के लिए 350 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
