पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल ने चालू वित्त वर्ष के दौरान टिकट जांच प्रदर्शन में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मंडल ने न केवल पिछले रिकॉर्ड को पार किया है, बल्कि अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच टिकट जांच में पिछले वर्षों की किसी भी समान अवधि की तुलना में अब तक की सबसे अधिक कमाई भी दर्ज की है।
बिना टिकट सफर करनेवाले यात्रियों से पश्चिम रेलवे की हुई बम्पर कमाई (फोटो - टाइम्स नाउ नवभारत)
अप्रैल से अगस्त तक 40 करोड़ की कमाई की
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंडल ने अगस्त 2025 तक टिकट जांच से 40 करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी प्राप्त की है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 31 रुपये करोड़ की आमदनी हुई थी, जो लगभग 30% की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है।
टिकट जांच दस्ते ने किया बेहतरीन काम
अप्रैल से अगस्त 2025 की अवधि के दौरान लगभग 4.50 लाख बेटिकट यात्रियों को पकड़ा गया। यह उत्कृष्ट उपलब्धि टिकट जांच कर्मचारियों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।इस अवधि के दौरान टिकट जांच कर्मचारियों में सबसे अधिक व्यक्तिगत राजस्व अर्जित करने वालों में उधना के उप मुख्य टिकट निरीक्षक सी.के. सिन्हा रहे, जिन्होंने लगभग 45 लाख रुपये और सूरत के उप मुख्य टिकट निरीक्षक दीपक एस. सपकाले रहे, जिन्होंने 35 लाख रुपये से अधिक की राशि अर्जित की।
महिला टिकट जांच दस्ते ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
मुंबई सेंट्रल मंडल का आकर्षण विशेष महिला टिकट जांच दस्ते का योगदान रहा है। इस दस्ते में 10-10 सदस्यों वाली दो टीमें शामिल हैं। अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच, इस दस्ते ने 38,400 से ज्यादा मामलों का पता लगाया और लगभग 109 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह महिला दस्ते की दक्षता, प्रतिबद्धता और समर्पण को दर्शाता है।
