घुट रहा है मुंबई, मायानगरी में पैर रखने की नहीं जगह! आंकड़े चौंका देंगे

मुंबई की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप आवास की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसके साथ ही, बढ़ते ट्रैफिक और जनसंख्या के दबाव के कारण शहर की बुनियादी सुविधाएं कमजोर होती जा रही हैं।

मुंबई, जिसे 'देश की आर्थिक राजधानी' और 'भारत का न्यूयॉर्क' कहा जाता है, अब अपनी बढ़ती जनसंख्या के दबाव में है। 2011 में यहां लगभग 1.8 करोड़ लोग रहते थे, और 2025 तक यह संख्या 2.20 करोड़ से अधिक होने की संभावना है। इस जनसंख्या वृद्धि के कारण शहर की बुनियादी सुविधाएं कमजोर पड़ने लगी हैं। आवास की कीमतें आसमान छू रही हैं; 2011 में 30 लाख रुपये में मिलने वाला घर अब 1 करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है।

Mumbai Population

मुंबई (फाइल फोटो-तस्वीर साभार-Istock)

दरअसल, मुंबई में न सिर्फ महाराष्ट्र के बल्कि उत्तर भारत समेत विभिन्न राज्यों के लोग रोजगार के वास्ते जाकर बसे हैं। एक कारण यह भी है कि मायानगरी में फिल्म उद्योग समेत अन्य क्षेत्रों में संभावनाएं अधिक होने के कारण अधिकतर लोग वहीं बस गए हैं। ऐसे में शहर की बाउंड्री में जनसंख्या का बोझ बढ़ रहा है। बेतरतीब भागते शहर में इंसान के ऊपर इंसान है! यही कारण है कि शहर में पैर रखना भी दूभर है।

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