महाराष्ट्र सरकार आम जनता के जीवन में बदलाव लाने के लिए एक नई पहल शुरू कर रही है। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पूरे राज्य में “राष्ट्रनेता से राष्ट्रपिता अभियान” चलाया जाएगा। इस दौरान किसानों, छात्रों, महिलाओं और हर वर्ग के लोगों तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जनता तक योजनाओं को सीधे पहुँचाना है। अगस्त में आयोजित “राजस्व सप्ताह” के दौरान हजारों लोगों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया गया था। उसी अनुभव के आधार पर अब यह बड़ा अभियान चलाया जा रहा है।
तीन चरणों में योजनाओं का लाभ
पहला चरण – गांवों में कच्चे रास्तों की समस्या को हल करना।
दूसरा चरण – “सबके लिए घर” योजना पर काम। हर परिवार को सुरक्षित और सस्ती छत उपलब्ध कराना, इसके लिए ज़मीन का आवंटन और ज़रूरत पड़ने पर वैधानिक प्रक्रिया।
तीसरा चरण – हर जिले में स्थानीय ज़रूरत के अनुसार नए कार्यक्रम शुरू करना।
इस अभियान में किसान, छात्र और महिलाएँ खास तौर पर शामिल किए जाएंगे। जिला कलेक्टर से लेकर तहसीलदार और पटवारी तक, हर अधिकारी सक्रिय भूमिका निभाएगा। मकसद है कि योजनाओं का लाभ अब सीधे खेत और घर तक पहुँचे।
बावनकुले ने कहा – “यह सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी से चलने वाला आंदोलन है। अब कोई योजना अधूरी नहीं रहेगी। हर नागरिक तक उसका लाभ पहुँचाया जाएगा।”
आम लोगों का मानना है कि अगर यह अभियान ईमानदारी से चला तो आने वाले समय में गांव और शहर दोनों में विकास की नई तस्वीर दिखाई देगी।
