महाराष्ट्र में कल यानी गुरुवार 5 दिसंबर को नई सरकार का शपथग्रहण कार्यक्रम हुआ। जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के साथ दो उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजीत पवार ने भी शपथ ली। मुंबई में हुए शपथग्रहण कार्यक्रम से पहले ही सरकार ने शुक्रवार 6 दिसंबर को मुंबई में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर दी थी। यानी 6 दिसंबर को पूरे मुंबई और मुंबई के उपनगरीय इलाकों में सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी दफ्तर (Government and semi-government offices) बंद हैं। स्कूलों में भी छुट्टी है। चलिए जानते हैं सरकार ने 6 दिसंबर को सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा क्यों की।
मुंबई और उपनगरीय क्षेत्रों में 6 दिसंबर को छुट्टी घोषित
6 दिसंबर को छुट्टी क्यों?
महाराष्ट्र सरकार ने 6 दिसंबर को संविधान निर्माता डॉ. भीम राव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस (Dr. Babasaheb Ambedkar Mahaparinirvan Diwas) के अवसर पर यह छुट्टी घोषित की है। सरकार की तरफ से एक सर्कुलर जारी हुआ है, जिसमें स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर मुंबई और मुंबई के उपनगरीय इलाकों में सरकारी और अर्ध-सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रहेगी। सर्कुलर से स्पष्ट है कि 6 दिसंबर को मुंबई और उपनगरीय इलाकों में शुक्रवार को स्थानीय अवकाश रहेगा।
महापरिनिर्वाण दिवस क्या है?
संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने जिस दिन प्राण त्यागे थे यानी उनकी पुण्यतिथि (Death Anniversary) को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। भीमराव अंबेडकर न सिर्फ भारतीय संविधान के जनक थे, बल्कि वह एक प्रसिद्ध समाज सुधारक और परोपकारी व्यक्ति भी थे। बाबासाहेब का बनाया गया संविधान अपने लोगों के सपनों और आकांक्षाओं को दर्शाता है और शासन के केंद्र में नागरिक कल्याण को रखता है।
बाबासाहेब अंबेडकर के बनाए संविधान में यह सुनिश्चित किया या है कि देश के सभी वर्गों के नागरिकों को स्वतंत्रता, समानता और न्याय मिले। इसके साथ ही सभी नागरिकों की जिम्मेदारी और कर्तव्य है कि वह संविधान के मूल सिद्धांतों और मूल्यों का संरक्षण करें।
संसद में भी मनेगा महापरिनिर्वाण दिवस
डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि के अवसर पर उनका 69वां महापरिनिर्वाण दिवस शुक्रवार 6 दिसंबर को राजधानी नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर के प्रेरणा स्थल पर भी मनाया जाएगा। केंद्रीय समाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन इस कार्यक्रम को आयोजित करेगी और संविधान के मुख्य वास्तुकार को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
इस कार्यक्रम की शुरुआत सुबह उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Vice-President Jagdeep Dhankhar), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi), लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला (Lok Sabha Speaker Om Birla), राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश (Rajya Sabha Deputy Chairperson Harivansh) और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ होगी।
