Mumbai News : लाउडस्पीकर और उससे होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर समय-समय पर विवाद होता रहता है। इन्हें लेकर एडवाइजरी जारी होती हैं, कुछ दिन लोग उनका पालन करते हैं, लेकिन उसके बाद फिर से नियमों का उल्लंघन शुरू हो जाता है। इस बार ताजा मामला सामने आया है मुंबई के वडाला से। जहां धार्मिक स्थल के लाउडस्पीकर से परेशान हो चुके हार्ट के मरीज ने बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) से गुहार लगाई है। उनके वकील का कहना है यह मामला किसी भी धर्म की विरुद्ध नहीं है, बल्कि ये सैकड़ों लोगों की समस्या है।
लाउडस्पीकर (सांकेतिक चित्र)
हार्ट के मरीज ने दाखिल की है पिटीशन
मुंबई के वडाला निवासी 72 वर्षीय महेंद्र सप्रे साल 2017 में इंडियन नेवी से बतौर चीफ इंजीनियर रिटायर हुए थे। इसके बाद वे सपत्नी वडाला शिफ्ट हो गए। इनके वडाला स्थित इमारत के ठीक सामने बंगालीपुरा नाम की झुग्गी झोपड़ियां हैं। जहां की मस्जिदों और मजारों के ऊपर 19 से ज्यादा अवैध तरीके से लगाए गए लाउडस्पीकर और उसकी तेज आवाज से वह बेहद परेशान हैं। महेंद्र सप्रे के दिल में तीन स्टेंट लगे हुए है, हाल ही में उन्हे एक अटैक भी आया और उन्हें तेज आवाज से बेहद परेशानी होती है. डॉक्टर ने उन्हें ज्यादा आराम और नींद पूरी करने की सलाह दी है, लेकिन महेंद्र का कहना है कि लाउडस्पीकर की तेज आवाज के चलते वो सो नहीं पाते। इन्होंने इस बारे में पुलिस में कई बार शिकायत की, लेकिन पुलिस ने इनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
बॉम्बे हाईकोर्ट से लगाई गुहार
काफी समय के बाद भी जब हार्ट पेशेंट महेंद्र को राहत नहीं मिली तब उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक रिट पिटीशन दाखिल कर दी। सप्रे और उनके वकील का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के दिए आदेश के मुताबिक लाउडस्पीकर से ध्वनि प्रदूषण के कई कड़े नियम हैं जिसका यहां पालन नहीं हो रहा है। यह मामला किसी धर्म के विरुद्ध बिल्कुल भी नहीं है। लाउडस्पीकर से निकलने वाली तेज आवाज सैकड़ों लोगों की समस्या है।
महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर को लेकर हो चुकी राजनीति
पीड़ित महेंद्र के वकील का कहना है कि इस मामले में हमें मस्जिद पक्ष की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। बता दें कि, पिछले साल लाउडस्पीकर को लेकर महाराष्ट्र में जमकर राजनीति हुई थी। राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने अजान के खिलाफ हनुमान चालीसा की बहस छेड़ी तो कुछ जगहों से अवैध लाउडस्पीकर उतार लिए गए, तत्कालीन उद्धव सरकार ने भी दबाव में आकर लाउडस्पीकर के गलत इस्तेमाल पर अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कुछ ही समय बाद मुद्दा भी ठंडे बस्ते में चला गया। बहरहाल, इस मामले की अगली सुनवाई 12 जून को होगी।
