DHFL बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने 185 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) बैंक धोखाधड़ी मामले में लगभग 185 करोड़ 84 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की है।धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई कार्रवाई में मुंबई में 154 फ्लैटों और 20 अन्य फ्लैटों के संबंध में वसूली के अधिकार शामिल हैं।
ED ने इस मामले में 185 करोड़ की संपत्ति ज़प्त की (PHOTO- TWITTER)
DHFL के प्रमोटर कपिल वधावन, धीरज वधावन और अन्य आरोपियों पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के समूह के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है।इस संबंध में, ईडी ने केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एक मामले के आधार पर जाँच शुरू की थी।
जाँच में पता चला कि वधावन बंधुओं और DHFL ने बैंक ऋण राशि हस्तांतरित कर दी और ऋण का भुगतान नहीं किया।इसके अलावा, 2017-18 के दौरान, कपिल वधावन और धीरज वधावन ने फर्जी कंपनियों और अंतर-कॉर्पोरेट जमा (आईसीडी) के माध्यम से DHFL के धन को इधर-उधर किया और शेयर बाजार में फर्जी लेनदेन किए।
उन्होंने दलालों के माध्यम से DHFL के शेयरों की कीमत और लेनदेन की संख्या को कृत्रिम रूप से बढ़ाने की कोशिश की। इससे पहले, ईडी ने इस मामले में 70 करोड़ 39 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की थी।इसके अलावा, 3 अप्रैल को एक विशेष पीएमएलए अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया था। अदालत ने 2 मई को इस पर संज्ञान लिया।अब तक इस केस में कुल अटैचमेंट की रकम ₹256.23 करोड़ तक पहुंच चुकी है।
इससे पहले 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने करोड़ों रुपये के बैंक ऋण घोटाले के इस मामले में DHFL के पूर्व प्रमोटर धीरज वधावन को दी गई जमानत को रद कर दिया था। वाधवान को दिल्ली हाईकोर्ट ने नौ सितंबर, 2024 को उन्हें चिकित्सा के आधार पर जमानत दी थी। बाद में हाई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ CBI की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी।
