महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के धारावी क्षेत्र को पुनर्विकास परियोजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। बता दें कि यह परियोजना देश के सबसे बड़े शहरी नवीनीकरण योजनाओं में से एक बताई जा रही है। सीईओ ने बताया कि परियोजना की रूपरेखा तैयार है, जिसमें ड्रोन सर्वे, LIDAR तकनीक से माप और घर-घर जाकर सर्वेक्षण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लगभग 5 लाख झुग्गीवासी धारावी में मुफ्त में नए घर पाएंगे। साथ ही अवैध झुग्गियों के निवासियों को अन्य स्थानों पर रियायती किराए पर मकानों में शिफ्ट किया जाएगा।
धारावी परियोजना को लेकर बड़ी खबर
झुग्गीवासियों की सहमति नहीं आवश्यक
इस योजना को लेकर सीईओ एसवीआर श्रीनिवास ने बताया कि योजना को लागू करने के लिए झुग्गीवासियों सहमति की आवश्यकता नहीं है। उनका कहना है कि सरकार ने डेवलपर की नियुक्ति कर दी है। यही कारण है की अब झुग्गीवासियों की आधिकारिक सहमति आवश्यक नहीं है।
प्रोजेक्ट में 80 प्रतिशत अदानी ग्रुप की हिस्सेदारी
मिली जानकारी के अनुसार, धारावी क्षेत्र को पुनर्विकास परियोजना के इस मेगा प्रोजेक्ट को नव भारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है। बताया जा रहा है कि इस योजना में अदानी ग्रुप की 80% हिस्सेदारी है। इस योजना के लिए अब तक लगभग 1 लाख लोग घर-घर सर्वेक्षण में भाग ले चुके हैं। इस दौरान जिन लोगों ने दस्तावेज दिए हैं, उन्हें स्वेच्छा से दिया गया माना गया है।
झुग्गीवासियों से सरकार ने संवाद स्थापित करने का प्रयास किया
बता दें कि इस योजना को लेकर सरकार ने झुग्गीवासियों से बा करने के कई बार प्रयास किए हैं। लेकिन विपक्षी दलों ने इस योजना को लेकर आरोप लगाया है कि यह एक बड़ी 'लैंड डील' है। इस पर CEO ने कहा कि 541 एकड़ जमीन अभी सरकार के पास है। इसमें उन्होंने यह भी कहा कि जब तक झुग्गीवासियों का पुनर्वास पूरा नहीं होगा, तब तक यह जमीन डेवलपर को नहीं सौंपी जाएगी।
