Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे में एक डॉक्टर और दो अन्य लोगों पर मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से पौने पांच लाख रुपये निकालने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शनिवार को दी अपनी जानकारी में बताया कि इसके लिए तीनों आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज बनाए और केवल कागज पर 13 मरीजों की भर्ती की। ऑपरेशन और फर्जी इलाज के दस्तावेजों के जरिए आरोपियों पर CMRF कथित 4.75 लाख रुपये निकालने का आरोप लगा।
खडकपाडा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि CMRF के एक सहायक निदेशक की शिकायत के आधार पर गुरुवार को तीन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 471 (जाली दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करना) और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया। तीनों आरोपियो पर कथित तौर पर 4.75 लाख रुपये भी हासिल करने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक यह धोखाधड़ी 2023 में मई और जुलाई महीने के बीच की गई।
दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी डॉ. अनुदुर्ग धोनी (45), प्रदीप बापू पाटिल (41) और ईश्वर पवार ने मोहणे के आंबिवली में के एक मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में 13 ऐसे मरीजों को भर्ती करने और उनके इलाज के रिकॉर्ड तैयार किए जो वास्तव में थे ही नहीं।
अधिकारी ने बताया कि CMRF से 4.75 लाख रुपये का दावा करने के लिए सर्जरी और इलाज के रिकॉर्ड सहित फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
उन्होंने कहा कि आरोपी ने जाली मेडिकल दस्तावेजों को बड़ी होशियारी से तैयार किया ताकि यह दिखाया जा सके कि असली मरीजों का इलाज किया गया और यहां तक कि ऑपरेशन और उपचार के रिकॉर्ड भी तैयार किए गए। आंतरिक जांच में धोखाधड़ी का पता चला। मामले में जांच की जा रही है और फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
(इनपुट-भाषा)
