दिल्ली से ज्यादा क्यों खराब हुई मुंबई की आबोहवा? जानें खराब AQI पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा

मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने चिंता जताते हुए स्थिति को ‘इमरजेंसी’ बताया। IQAir की रैंकिंग में मुंबई दुनिया के प्रदूषित शहरों में पांचवें स्थान पर रही, जबकि दिल्ली छठे स्थान पर थी।

Mumbai Pollution: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इन दिनों वायु प्रदूषण (Air Pollution) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिसने नागरिकों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। आमतौर पर समुद्र से आने वाली हवाओं को प्रदूषकों को फैलाने में मददगार माना जाता है, लेकिन इस बार मुंबई में प्रदूषण का स्तर दिल्ली से भी ऊपर दर्ज किया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को हालात को ‘इमरजेंसी’ बताते हुए नगर निगम, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। निर्माण गतिविधियों, धीमी हवाओं, गर्मी और कचरा जलाने जैसी वजहों से शहर की हवा प्रभावित हो रही है। ऐसे में सवाल है कि समुद्र के किनारे बसा मुंबई प्रदूषण से क्यों जूझ रहा है और अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर क्यों दिख रहा है? आइए समझते हैं।

Mumbai Pollution

दिल्ली से ज्यादा मुंबई में हवा क्यों हुई जहरीली? (सांकेतिक फोटो)

धीमी हवाएं और गर्म मौसम प्रदूषण क्यों बढ़ा रहे हैं?

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, वायुमंडलीय वैज्ञानिक गुफरान बेग ने बताया कि मुंबई में इस साल अल नीनो जैसा जलवायु पैटर्न देखने को मिल रहा है। इसकी वजह से हवा की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। साथ ही मौसम भी गर्म और उमस भरा बना हुआ है। जब हवा तेजी से नहीं चलती, तो प्रदूषक वातावरण में आसानी से फैल नहीं पाते और निचली वायुमंडलीय परतों में जमा होने लगते हैं। अक्टूबर में मुंबई ने सामान्य से काफी ज्यादा तापमान वाले दिन भी देखे। कुछ दिनों में अधिकतम तापमान मौसमी औसत से 4-5 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहा। बारिश की कमी और मानसून के जल्द विदा होने को भी बिगड़ती एयर क्वालिटी से जोड़ा गया है।

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