Bullet Train Corridor: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस परियोजना के तहत वापी और सूरत के बीच बनाए जा रहे सभी नौ रिवर पुल अब पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं। गुजरात के नवसारी जिले में स्थित खरेरा नदी पर बना पुल इस परियोजना का सबसे हालिया पुल निर्माण है। यह पुल गुजरात में बनाए जा रहे कुल बीस पुलों में से बारहवां है। बता दें कि 29 अक्टूबर को इस पुल का निर्माण कार्य पूरा हुआ।
फाइल फोटो।
पुल की खासियत
जानकारी के अनुसार, खरेरा नदी पर बना पुल 120 मीटर लंबा है और इसमें तीन बड़े गर्डर हैं, जिनमें से प्रत्येक 40 मीटर लंबा है। पुल के खंभे 14.5 से 19 मीटर ऊंचे हैं और इनमें एक गोलाकार खंभा और तीन अन्य खंभे शामिल हैं। यह पुल वापी और बिलिमोरा स्टेशनों के बीच स्थित है। यह पुल उन कई नए पुलों में से एक है जो इस कॉरिडोर में बहने वाली नदियों पर बनाए जा रहे हैं।
इन जगहों पर बने पुल
वापी-सूरत खंड पर बने नौ पुलों में खरेरा, कोलक, पार, औरंगा, पूर्णा, मिंधोला, अंबिका, कावेरी और वेंगानिया नदियों पर बने पुल शामिल हैं। ये पुल वलसाड और नवसारी जैसे कई जिलों को जोड़ते हैं। इसके अलावा, इस खंड के बाहर तीन अन्य नदी पुल भी पूरे हो चुके हैं। इनमें वडोदरा जिले में धाधर नदी, खेड़ा जिले में मोहर नदी और खेड़ा जिले में वत्रक नदी पर पुल निर्माण शामिल हैं।
तेजी से चल रहा निर्माण कार्य
बता दें कि यह उपलब्धि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की लगातार प्रगति को दर्शाती है। यह 508 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर भारत के दो सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों, मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ेगा। इस परियोजना में ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच की यात्रा का समय घटकर लगभग दो घंटे रह जाएगा, जो वर्तमान में सामान्य ट्रेन से छह घंटे की दूरी है।
बता दें कि जापान के साथ साझेदारी में शुरू की गई यह बुलेट ट्रेन परियोजना देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह गुजरात और महाराष्ट्र जैसे पश्चिमी राज्यों में क्षेत्रीय संपर्क, आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगी। यह परियोजना लोगों के लिए सुरक्षा, गति और बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी और भारतीय रेलवे को वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी रेलवे बनाने में मदद करेगी।
कितनी है लागत?
यह परियोजना गुजरात और महाराष्ट्र के उन क्षेत्रों से होकर गुजरती है, जो तेजी से विकसित हो रहे हैं और मुंबई, सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों को जोड़ती है। इस परियोजना की कुल लागत 1,08,000 करोड़ रुपये है।
