मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक झकझोर देने वाली और बेहद दुखद खबर सामने आई है। रक्षाबंधन के त्योहार से ठीक पहले एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह तबाह हो गया। यहां 30 वर्षीय बेटे द्वारा ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने की खबर मिलते ही गहरे सदमे में आए उसके माता-पिता ने भी घटनास्थल से कुछ दूरी पर जाकर चलती ट्रेन के सामने लेटकर अपनी जान दे दी। मात्र एक घंटे के भीतर घटी इन तीन मौतों से पूरे इलाके में सनसनी और मातम का माहौल है। पुलिस प्राथमिक जांच में पारिवारिक विवाद को इस खौफनाक कदम की वजह मान रही है।
बेटे की मौत के बाद माता-पिता ने भी दी जान (सांकेतिक चित्र)
कैसे घटी यह दर्दनाक घटना?
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र की है। करैया गांव के रहने वाले मुकेश अहिरवार (30) ने दोपहर के समय दमोह-कटनी रेल मार्ग पर करैया रेलवे क्रॉसिंग के पास अचानक एक तेज रफ्तार ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। घटना की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, मुकेश के पिता भारत अहिरवार (58) और मां उमा अहिरवार (55) रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे। बेटे का शव देखकर गहरे सदमे में आए दम्पति घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर आगे चले गए और रेलवे पटरी पर लेट गए। कुछ ही देर में आई ट्रेन की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
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पुलिस की शुरुआती जांच और पारिवारिक पृष्ठभूमि
कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक मुकेश अहिरवार जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्ड (सिक्योरिटी गार्ड) के पद पर कार्यरत था और उसकी शादी दो साल पहले ही हुई थी। घटना के समय मुकेश का छोटा भाई दौलत रक्षाबंधन के पावन पर्व के लिए अपनी बहन को सागर से घर लाने गया हुआ था। घर लौटने से पहले ही उसके सिर से माता-पिता और भाई का साया उठ गया। थाना प्रभारी के अनुसार, मुकेश द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम के सटीक कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रथमदृष्टया पारिवारिक कलह और विवाद ही इन मौतों की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है और सभी परिस्थितियों की गहनता से जांच कर रही है।
