MP News: मध्य प्रदेश के सागर जिले में हाल ही में हुए दर्दनाक जहरीली शराब कांड (Sagar Poisonous Liquor Case:) के बाद शासन और प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े निर्देशों का पालन करते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। बंडा क्षेत्र में हुई इस घटना के मुख्य आरोपियों के खिलाफ प्रशासनिक टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया।
सागर में जहरीली शराब केस के आरोपियों पर चला प्रशासन का चाबुक (फोटो: ANI/Times Now Digital)
गुरुवार को प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और कांड के मुख्य आरोपियों-चंदू उर्फ चंद्रभान राजपूत (ततरवारा), मनीष लोधी और आशीष साहू के घरों तथा दुकानों पर बने अवैध अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है।
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इस पूरे कांड में अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई से पहले सभी आरोपियों के परिजनों को भवन निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 24 घंटे का म्यादी नोटिस जारी किया गया था। सही और वैध कागजात पेश न करने की स्थिति में ही यह बुलडोजर एक्शन लिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विरोध को रोकने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। आला अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। पुलिस ने जानकारी दी कि इस पूरे कांड में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
मुख्य आरोपी पर 20 हजार रुपये का इनाम
छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अवैध शराब और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बरामद की गई है। इसके साथ ही पुलिस ने मामले में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है, जबकि मुख्य आरोपी मनीष लोधी पर 20 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसी ही सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
