MP : किसान बनेगा ऊर्जादाता-उद्यमी, कृषक कल्याण के लिए 5 फसलों पर बड़ी घोषणा; CM मोहन का क्या है प्लान?

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में दलहनी फसलों के संतुलित उत्पादन, किसानों की आय में वृद्धि, फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। यही कारण है कि कृषक कल्याण के लिये प्रमुख 5 फसल ( उड़द, सरसों, चना, मसूर और तुअर) के लिये घोषणाएं की गई हैं, जिससे अपनी उपज का सही लाभ ले सके।

भोपाल : एमपी विधानसभा सत्र के दौरान सदन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 पर वक्तव्य देते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि किसानों का सशक्तिकरण ही हमारे प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। इसी संकल्प के साथ हमारी सरकार ने वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। सीएम ने कहा कि इस कृषक कल्याण वर्ष में हम किसानों को 'अन्नदाता' के साथ-साथ 'ऊर्जादाता' और 'उद्यमी' भी बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। किसान खुशहाल होंगे, तभी "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" का सपना साकार होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने किसान कल्याण के लिये प्रमुख 5 फसल ( उड़द, सरसों, चना, मसूर और तुअर) के लिये घोषणाएं की।

CM Mohan Yadav

सीएम मोहन यादव

सरसों पर भी मिलेगा भावांतर योजना का लाभ

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस वर्ष सरसों के रकबे में पूर्व वर्ष की तुलना में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और द्वितीय अग्रिम अनुमान अनुसार अनुमानित उत्पादन 15.71 लाख मीट्रिक टन है। कृषि उपजों के लिए सरकार की मूल्य नीति का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना है, जिससे प्रदेश में सरसों के उत्पादन को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरसों की माह जनवरी की औसत मण्डी दरें 6000 रुपए प्रति क्विंटल हैं। सरसों का केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रुपए प्रति क्विंटल हैं।

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