जयपुर/भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान जुड़वा भाइयों की तरह हैं और दोनों मिलकर विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच न केवल सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध हैं, बल्कि आर्थिक साझेदारी की भी बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। सीएम शनिवार को जयपुर में आयोजित ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ विषय पर इंटरैक्टिव सेशन में राजस्थान के निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान उन्होंने राजस्थान स्थापना दिवस (19 मार्च) और लोकपर्व गणगौर की भी शुभकामनाएं दीं।
सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान का विकसित टेक्सटाइल, जेम्स-एंड-ज्वेलरी उद्योग और मध्यप्रदेश की ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता, टेक्सटाइल पार्क और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम मिलकर एक मजबूत वैल्यू चेन बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में दोनों राज्यों को केवल 5-5 प्रतिशत राशि देनी होगी, जबकि 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। उनके अनुसार इस परियोजना से दोनों राज्यों के सूखा प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीर और तकदीर बदल जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति कर रहा है और राज्यों के बीच संसाधनों का बंटवारा भी बेहतर तालमेल के साथ हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए 26 नई औद्योगिक नीतियां लागू की हैं और जल्द ही स्पेस तथा एआई सेक्टर के लिए भी नई नीति लाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश के बिजली सरप्लस राज्यों में शामिल है और अब “ग्रीन, क्लीन और सोलर एनर्जी कैपिटल” के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 2.90 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धी दरें हैं। नर्मदापुरम जिले में देश का पहला पावर और रिन्यूएबल एनर्जी उपकरणों का मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित किया जा रहा है।
‘इन्वेस्ट एमपी 3.0’ विंडो पोर्टल होगी तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने 6,104 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि और 1 लाख करोड़ रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर विकास प्रावधान किया है। राज्य का ‘इन्वेस्ट एमपी 3.0’ सिंगल विंडो पोर्टल निवेशकों को तेज और पारदर्शी सेवाएं प्रदान कर रहा है। टेक्सटाइल और परिधान उद्योगों को मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी-2025 के तहत आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल मंत्री Kanhaiyalal Chaudhary ने कहा कि राजस्थान और मध्यप्रदेश परिवार की तरह हैं और दोनों राज्यों ने आपसी समन्वय से जल बंटवारे जैसे मुद्दों का समाधान निकाला है, जिससे पश्चिमी राजस्थान को भी पर्याप्त पानी मिलेगा।
इस अवसर पर उद्योगपतियों और निवेशकों ने भी मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों की सराहना की। इन्सुलेशन एनर्जी के चेयरमैन मनीष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में 1650 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे लगभग 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कई उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी कीं और उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की उद्यमशीलता और मध्यप्रदेश की संसाधन क्षमता मिलकर सेंट्रल इंडिया को एक मजबूत औद्योगिक केंद्र बना सकती है।
