मध्य प्रदेश-राजस्थान एक-दूजे के साझेदार, बेहिचक कीजिए फुल इन्वेस्टमेंट; CM ने निवेशकों को किया आमंत्रित

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजस्थान व मध्य प्रदेश को ’भाई-भाई’ बताते हुए शनिवार को कहा कि ये दोनों राज्य अपनी क्षमता व योग्यता से आगे बढ़ने की सामर्थ्य रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासनकाल में इन दोनों राज्यों के संबंध और प्रगाढ़ हुए हैं। जयपुर में निवेश से जुड़े एक कार्यक्रम में भाग लेने आए यादव ने मीडिया से कहा, ’’राजस्थान का भाई मध्य प्रदेश है। हजारों साल से मध्य प्रदेश व राजस्थान भाई-भाई की तरह से सभी प्रकार की क्षमता व योग्यता से आगे बढ़ने की सामर्थय रखते हैं।

जयपुर/भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान जुड़वा भाइयों की तरह हैं और दोनों मिलकर विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच न केवल सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध हैं, बल्कि आर्थिक साझेदारी की भी बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। सीएम शनिवार को जयपुर में आयोजित ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ विषय पर इंटरैक्टिव सेशन में राजस्थान के निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान उन्होंने राजस्थान स्थापना दिवस (19 मार्च) और लोकपर्व गणगौर की भी शुभकामनाएं दीं।

mp cm mohan yadav

सीएम मोहन यादव

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान का विकसित टेक्सटाइल, जेम्स-एंड-ज्वेलरी उद्योग और मध्यप्रदेश की ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता, टेक्सटाइल पार्क और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम मिलकर एक मजबूत वैल्यू चेन बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में दोनों राज्यों को केवल 5-5 प्रतिशत राशि देनी होगी, जबकि 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। उनके अनुसार इस परियोजना से दोनों राज्यों के सूखा प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीर और तकदीर बदल जाएगी।

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