Mansoon Rain : उत्तर भारत में मानसूनी बारिश ने मौसम को सुहावना बना रखा है। आईएमडी के मुताबिक, मानसूनी हवाओं ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में मौसम का मिजाज बदल दिय है। अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र (Deep Depression) के कारण इन दोनों राज्यों के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बीते कई दिनों से सूखे का सामना कर रहे पूर्वी राजस्थान में भी एक-दो दिनों के भीतर बारिश की वापसी के आसार हैं। हालांकि, मानसून अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। 10 सितंबर के बाद पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने के साथ ही हवा में नमी कम होने लगेगी, जिससे उत्तर भारत से मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। फिलहाल, पहाड़ों पर भारी बारिश के कारण जनहानि की खबरें सामने आ रही हैं।
यूपी-उत्तराखंड में बारिश बाढ़ से हालात खराब (फोटो-AI)
उत्तर प्रदेश में बाढ़ से तबाही
उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के सक्रिय रहने के बीच 32 जिले इस वक्त बाढ से प्रभावित हैं। बुधवार को राज्य में वर्षाजनित हादसों में एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि अब तक 32 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और फिलहाल अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी समेत 22 जिलों में हालात खराब हैं। बयान के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 1,528 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है तथा राहत कार्यों के लिए सैकड़ों नौकाएं, बाढ़ चौकियां और मेडिकल टीम तैनात की गई हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें - Mausam Aaj Kal : पहाड़ों पर बारिश मैदानों पर जल सैलाब, 22 राज्यों में मौसम रहेगा खतरनाक; IMD का क्या है अलर्ट?
अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को कुल 742 बाढ़ चौकियां, 452 नावें और मोटरबोट तथा 225 मेडिकल टीम काम कर रही थीं, जबकि 105 राहत शिविरों में 2,460 लोग रह रहे थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रतापगढ़ के नवाबगंज थानाक्षेत्र के छोटी कोठरिया गांव में लगातार बारिश के बीच एक कच्चा मकान ढहने से मलबे में दबकर 18 महीने के प्रियांश की मौत हो गई। अमरोहा के गजरौला में भारी बारिश के दौरान एक दुकान का छज्जा गिरने से शेरा (32) और सुरेश (55) मौत हो गयी। उपजिलाधिकारी शैलेश दुबे ने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि वह छज्जा बारिश के कारण गिरा या अपनी जर्जर हालत की वजह से।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा
चित्रकूट से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने पहाड़ी थानाक्षेत्र के चौरा गांव में मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से फंसे करीब 150 लोगों को बचाया। पीएसी की बाढ़-राहत प्लाटून ने स्थानीय प्रशासन की मदद से मोटरबोट का इस्तेमाल किया और लोगों को भोजन, राहत सामग्री तथा चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
बलिया उत्तर प्रदेश में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है, जहां गंगा और सरयू का जलस्तर बढ़ने से सदर, बैरिया एवं बांसडीह तहसीलों के गांवों और शहरी इलाकों में लगभग 20,500 लोग प्रभावित हुए हैं। बलिया जिला प्रशासन ने 6,500 राशन किट, 33,843 दवा किट और पके हुए भोजन के 83,092 पैकेट बांटे हैं।
पीलीभीत में भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद शारदा, देओहा एवं खकरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बनबसा बैराज से शारदा नदी में दो लाख क्यूसेक से ज़्यादा पानी छोड़ा गया, जबकि नानक सागर बांध से देओहा नदी में 30 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने हालात सामान्य होने तक पहली से आठ कक्षाओं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। खकरा नदी पर एक पुल पानी में डूब गया, जिससे लगभग 18 गांवों का सड़क संपर्क टूट गया। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई। पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में ’अंडरग्राउंड केबल बॉक्स’ में बारिश का पानी घुसने के कारण 200 बिस्तरों वाले अस्पताल की मुख्य बिजली आपूर्ति 34 घंटे से ज्यादा समय तक बाधित रही।
लखीमपुर खीरी में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मोहना नदी के गिरजा बैराज एफ्लक्स बांध पर बाढ़ और कटान-रोधी कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इंजीनियरों को चौबीसों घंटे काम करने का निर्देश दिया और पानी में डूबे इलाके में मौजूद लगभग एक दर्जन घरों के निवासियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का आदेश दिया। इस बीच, गाजियाबाद जिला प्रशासन ने बताया कि मौसम विभाग ने चार सितंबर तक भारी बारिश और बिजली गिरने को लेकर ’येलो अलर्ट’ जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे बेवजह यात्रा न करें, जर्जर इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों या तारों से दूर रहें और खराब मौसम के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखें।
उत्तराखंड में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी
उत्तराखंड में बारिश संबंधी विभिन्न घटनाओं में दर्जनभर लोगों की मौत के एक दिन बाद बुधवार को मौसम विभाग द्वारा देहरादून सहित तीन जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा के ’ऑरेंज अलर्ट’ जारी किये जाने पर जिला प्रशासनों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की संभावना जताये जाने के मद्देनजर बुधवार को नैनीताल, पिथौरागढ़ तथा बागेश्वर जिलों में 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में अवकाश रहा । मौसम विभाग ने बुधवार को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में मेघ गर्जन एवं आकाशीय बिजली चमकने के साथ कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जतायी । राज्य के शेष जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश के पूर्वानुमान के साथ ’यलो अलर्ट’ जारी किया गया ।
तीन लोगों की मौत
देहरादून में तीन घटनाओं में दो बच्चों समेत चार व्यक्तियों की पानी में बहने से मौत हो गयी। गुल्लरघाटी-बालावाला रोड के किनारे नहर का पानी मंगलवार शाम अचानक बढ़ जाने से उसमें नौ साल का दिव्यांग बच्चा केपी मौर्य बह गया । बचाव एवं राहत दलों ने बुधवार को उसका शव बरामद किया । देहरादून में एक अन्य घटना में चंद्रबदनी क्षेत्र में मंगलवार को 12 वर्षीय सम्राट आसन नदी में बह गया जिसका शव बाद में घटनास्थल से कुछ दूर बरामद हुआ। एक अन्य घटना में मंगलवार तड़के देहरादून के लोअर कंडोली क्षेत्र में भारी बारिश से उफनाई एक बरसाती नदी में एक कार के फंसने से उसमें सवार राजस्थान के जयपुर के दो व्यक्ति बह गए जिनके शव बाद में बरामद कर लिए गए । दोनों की पहचान अक्षय (20) और कनक सचदेव (21) के रूप में हुई है ।
अल्मोड़ा जिले के धारकीतुणी क्षेत्र में मंगलवार को एक पुराने मकान की दीवार के ढह जाने पर उसके नीचे दबने से दो नेपाली मजदूरों की मौत हो गयी। अल्मोड़ा के सोमेश्वर क्षेत्र में वडयूडा गांव में मंगलवार को एक मकान ढहने से एक परिवार के तीन सदस्यों--प्रेमा देवी (42), उसकी बेटी कल्पना आर्य (19) और बेटे मनीष कुमार (18) की मौत हो गयी । पौड़ी जिले के कोटद्वार में उफनती कोल्हू नदी पार करते समय 26 वर्षीय जेनम और उसकी डेढ़ साल की बच्ची आफिया बह गयी जबकि उसके साथ मौजूद उसका पति सद्दाम की किसी प्रकार से जान बची। बाद में एसडीआरएफ ने दोनों के शव बरामद किए।
हिमाचल प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, सिरमौर और मंडी के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पिछले 24 घंटों में कई जिलों भारी बरिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने आईएएनएस से कहा, "पिछले 24 घंटों में पूरे हिमाचल प्रदेश में बारिश हुई है। बिलासपुर के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई और कांगड़ा के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हुई। लाहौल-स्पीति और किन्नौर में हल्की बारिश हुई जबकि अन्य इलाकों में मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश बिलासपुर में लगभग 180 मिमी हुई, इसके बाद कसौली में लगभग 100 मिमी और कांगड़ा के एक स्टेशन पर 90 मिमी बारिश दर्ज की गई।
संदीप शर्मा ने कहा कि पिछले 24 घंटों में मानसून काफी सक्रिय रहा है। 2 से 5 सितंबर तक मैदानी जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कांगड़ा, सिरमौर और मंडी में हल्के से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। कांगड़ा और सिरमौर में गुरुवार को भारी बारिश का अलर्ट है। प्रदेश में 4-5 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश होगी। 6 सितंबर को जिलों में मध्यम बारिश जारी रहेगी। 7 और 8 सितंबर को कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश होगी।
लौह-स्पीति जिले में सामान्य से 60 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। हमीरपुर में 30 और मंडी जिले में 18 फीसदी कम बारिश हुई है। वहीं, शिमला में सामान्य से 16 और कुल्लू में 14 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। संदीप शर्मा ने बताया कि 5 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा, इसलिए नदी और जलाशय में अचानक पानी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लोग नदी और नाले के आसपास न जाएं। इसके अलावा यात्रा से पहले राज्य सरकार की एडवाजरी जरूर देख लें।
तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट
तमिलनाडु के बाकी हिस्सों और कराईकल इलाके में कुछ जगहों पर गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। गुरुवार को तिरुवन्नामलाई, विल्लुपुरम, मदुरई, शिवगंगा और पुदुक्कोट्टई जिलों के अलावा पुडुचेरी में एक-दो जगहों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बाकी तमिलनाडु और कराईकल में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है।
शुक्रवार को पश्चिमी घाट वाले जिलों में कहीं-कहीं मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के बाकी हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। 5 से 7 सितंबर के बीच पश्चिमी घाट के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है, जबकि बाकी इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने मछुआरों को गुरुवार को दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कॉमोरिन सागर में न जाने की सलाह दी है। इस दौरान 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों और अंडमान सागर में भी तेज हवाओं की संभावना है। हालांकि 2 से 5 सितंबर तक अरब सागर के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
