दिल्ली में हाल के दिनों में बड़ी संख्या में लोगों विशेषतौर पर लड़कियों के गायब होने की खबर आपने पढ़ी और सुनी होगी। खासतौर पर सोशल मीडिया के जरिए यह डर बड़े पैमाने पर फैलाया जा रहा है। इस पर दिल्ली पुलिस ने लोगों को अफवाह न फैलाने और ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया, 'कुछ लीड्स का पीछा करने पर पता चला कि दिल्ली में लापता लड़कियों की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर जो हंगामा हो रहा है, उसे पैसे देकर प्रोमट (Paid Promotion) किया जा रहा है। पैसे के लालच में डर फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, हम ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।' इस बीच भाजपा नेता अमति मालवीय ने भी पेड़ कैंपेन का दावा करते हुए एक पोस्ट X पर लिखा है। उन्होंने साथ में एस सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर का वीडियो भी पोस्ट किया है।
दिल्ली में लड़कियों और महिलाओं के गायब होने पर दिल्ली पुलिस का बयान (AI Photo)
दिल्ली पुलिस ने आज यानी शुक्रवार 6 फरवरी को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साफ कर दिया कि लड़कियों के गायब होने की खबर एक पेड़ कैंपेन है। जो भी व्यक्ति इस झूठ के जरिए डर फैलाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने अपने इस सोशल मीडिया पोस्ट से साफ संदेश दिया है कि इस तरह से पेड प्रमोशन से डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस ने कहा कि इस पेड प्रमोशन में जो दावा किया जा रहा है, वह किसी भी स्थिति में असाधारण स्थिति नहीं है।
आंकड़ों के अनुसार गायब होने की घटनाओं में आई कमी
दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर संजय त्यागी के अनुसार आंकड़ों की बात करें तो गायब लोगों की संख्या में पिछले वर्षों के मुकाबले बढ़ोतरी का कोई संकेत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि हालिया आंकड़े तो नेगेटिव हैं, जो बताते हैं कि गायब होने वाले लोगों की संख्या में कमी आयी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अफवाहें और अपुष्ट खबरों से बेवजह का डर फैल सकता है। खासतौर पर बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामले में।
न्यूज एजेंसी ने जारी किए थे ये आंकड़े
बता दें कि इससे पहले न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से गायब हुए लोगों का एक आंकड़ा जारी किया गया था। जिसमें दावा किया गया था कि 1 से 15 जनवरी के बीच दिल्ली में 807 लोगों के लापता होने की सूचना दर्ज की गई है, जिसमें महिलाएं, लड़कियां और बच्चे शामिल हैं। पीटीआई ने पुलिस के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि अधिकांश मामले पारिवारिक कारणों से जुड़े पाए गए हैं और किसी संगठित गिरोह या आपराधिक नेटवर्क की संलिप्तता के संकेत नहीं मिले हैं।
पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया कि पुलिस की ओपन रिपोर्टिंग नीति के तहत गुमशुदगी की शिकायतें स्थानीय थानों, ऑनलाइन पोर्टल या इमरजेंसी नंबर 112 पर दर्ज की जा सकती हैं। प्रत्येक जिले की मिसिंग पर्सन्स स्क्वॉड और क्राइम ब्रांच की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट इन मामलों की जांच करती है। अधिकारियों ने अपील की है कि गुमशुदगी की सूचना तुरंत दें और अफवाहों से बचें।
भाजपा का दावा, फिल्म का प्रमोशन
अमति मालवीय ने अपने X पोस्ट के साथ जो वीडियो पोस्ट किया है, उसमें दावा किया जा रहा है कि एक बॉलीवुड फिल्म के प्रमोशन के तहत बड़ी संख्या में लोगों के गायब होने की अफवाह फैलायी जा रही है। उस वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि पहले यही कोशिश मुंबई में की गई, लेकिन मुंबई पुलिस ने ऐसे झूठे दावों की पोल खोल दी, जिसके बाद दिल्ली में इस तरह की अफवाह फैलायी गई।
