मेरठ : कपसाड़ कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्याकांड के 48 घंटे के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही अपहृत किशोरी को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है। आरोपी और किशोरी से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी और अपहृत किशोरी उत्तराखंड के हरिद्वार में मिले थे। दोनों वहां एक धर्मशाला में रुके हुए थे, जहां से पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
मेरठ कपसाड़ कांड
यह मामला मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव से जुड़ा है, जहां एक किशोरी के अपहरण और उसकी मां की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था। पीड़ित परिवार से मिलने के लिए कई राजनीतिक दलों के नेता गांव पहुंचे। आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर भी परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें टोल प्लाजा पर ही रोक दिया। हालांकि, वहीं पर चंद्रशेखर की पीड़ित परिवार से मुलाकात कराई जाएगी।
विरोध करने पर की गई हत्या
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 8 बजे किशोरी अपनी मां के साथ खेत जा रही थी। इसी दौरान आरोपियों ने किशोरी का अपहरण करने की कोशिश की। मां ने इसका विरोध किया, जिसके बाद आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस वारदात को मुख्य नामजद आरोपी पारस सोम ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया।
महिला की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने एम्बुलेंस में तोड़फोड़ की और शव को लेकर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे डीएम और एसएसपी ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन और ग्रामीण किशोरी की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का साफ कहना था कि जब तक अपहृत लड़की बरामद नहीं होती और आरोपी पकड़े नहीं जाते, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
शुरुआत में पीड़ित परिवार मृतक महिला का अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं था, लेकिन सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा के बाद परिवार मान गया और देर रात महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब आरोपी की गिरफ्तारी और किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस पूरे मामले की कड़ी पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
मेरठ पुलिस के अनुसार, जिले के कपसाड़ गांव में अपराधियों ने एक 20 साल की लड़की का अपहरण किया था। इस दौरान, 50 साल की महिला ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की, लेकिन अपराधियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला किया। बाद में महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से इलाके में गुस्सा फैल गया है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान पारस सोम और सुनील कुमार के रूप में की थी। बताया जा रहा है कि दोनों उसी गांव के रहने वाले हैं।
