Meerut News: रक्षाबंधन से पहले मेरठ में खाद्य विभाग ने मिलावटी मावे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एफएसडीए की टीम ने छापेमारी कर 2400 किलो संदिग्ध मिलावटी मावा बरामद किया है। छापेमारी के दौरान टीम ने करीब 577 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर भी जब्त किया है। मावा को JCB से नष्ट कराया गया है और नमूने जांच के लिए भेजे दिए हैं।
रक्षाबंधन से पहले मेरठ में पकड़ा गया मिलावटी मावा
एफएसडीए की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर परतापुर थाना क्षेत्र के सौलाना गांव में तीन ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 2400 किलो संदिग्ध मावा पकड़ा है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है। खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिक जांच में मावे में स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP), डालडा, खराब फैट और सोडियम बाइकार्बोनेट जैसे पदार्थों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। टीम को आशंका है कि इस मावे को रक्षाबंधन के दौरान बाजार में सप्लाई किया जाना था और इससे मिठाइयां बनाई जानी थीं।
नमूनों को जांच के लिए भेजा गया लैब
खाद्य विभाग की टीम ने सहायक आयुक्त खाद्य सेकेंड डॉ. वेदप्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया। छापेमारी के दौरान अलग-अलग ब्रांड का करीब 577 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर भी बरामद हुआ। जिसे फिलहाल सीज कर दिया गया है। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मावे के चार नमूने, वनस्पति घी का एक नमूना, केमिकल के दो नमूने और अलग-अलग ब्रांड के स्किम्ड मिल्क पाउडर के तीन नमूने लिए हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य विभाग आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा।
JCB से नष्ट कराया गया मावा
प्राथमिक जांच में मावे के संदिग्ध पाए जाने के बाद खाद्य विभाग ने बरामद लगभग 2400 किलो मावे को मौके पर ही JCB की मदद से नष्ट करा दिया। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के मुताबिक, इस मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि त्योहार के दौरान लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ न हो।
