Delhi Air Pollution: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए नगर निगम (MCD) ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में पश्चिमी जोन में ब्रह्मपुरी और चंचल पार्क इलाके में जांच के दौरान प्रदूषण फैलाने वाली तीन औद्योगिक इकाइयों को सील कर दिया गया। इन इकाइयों के बिजली कनेक्शन भी काट दिए गए और बिजली मीटर जब्त कर लिए गए। इस कार्रवाई के साथ ही निगम ने शहर में धूल प्रदूषण को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर सफाई और निगरानी अभियान भी शुरू कर दिया है।
दिल्ली में प्रदूषण की फाइल फोटो
सात इकाइयों की जांच
MCD के पश्चिमी जोन ने राजस्व विभाग, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), BSES और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त जांच अभियान चलाया। यह अभियान वार्ड नंबर 110 (कुंवर सिंह नगर) और वार्ड नंबर 111 (बापरोला) में चलाया गया। इस दौरान 6 औद्योगिक इकाइयों और एक गोदाम समेत कुल सात जगहों की जांच की गई। इनमें से प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों में शामिल पाई गई 3 औद्योगिक इकाइयों को मौके पर ही सील कर दिया गया। निगम के मुताबिक, यह कार्रवाई लागू नियमों के तहत की गई।
12 जोन में सड़कों की डीप क्लीनिंग
MCD ने बताया कि धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली के सभी 12 जोन में धूल प्रभावित सड़कों की गहरी सफाई की जा रही है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज की गई है। निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे को खुले में फेंकने से रोकने के लिए निगम ने सभी 250 वार्डों में स्थान तय किए हैं। इन जगहों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी की गई है।
धूल रोकने के लिए खास इंतजाम
MCD के निर्देशों के अनुसार, मलबा रखने वाली जगहों पर सामग्री के ढेर की अधिकतम ऊंचाई से कम से कम तीन मीटर ऊंची धूल और हवा रोकने वाली दीवारें लगाई जानी चाहिए। सामग्री को पूरी तरह ढकने या नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा, पूरे इलाके में बारीक फुहार छोड़ने वाली पानी की प्रणालियां लगाने को कहा गया है।
167 वाटर स्प्रिंकलर और 40 एंटी-स्मॉग गन तैनात
धूल प्रदूषण कम करने के लिए MCD ने अलग-अलग सड़कों पर 167 वाटर स्प्रिंकलर और 40 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन तैनात की हैं। इनमें से 20 एंटी-स्मॉग गन निर्माण एवं तोड़फोड़ के मलबे के प्रसंस्करण केंद्रों, डंपिंग साइटों और वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों समेत निगम की विभिन्न सुविधाओं पर लगाई गई हैं। बाकी 20 एंटी-स्मॉग गन MCD की ऊंची इमारतों पर स्थापित की गई हैं। निगम का कहना है कि इन उपायों का मकसद धूल प्रदूषण कम करना और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए निर्धारित नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करना है।
