मथुरा नाव हादसा : न लाइफ जैकेट, न नाविक का लाइसेंस, लापरवाही में गई 11 की जान, लापता लोगों रेस्क्यू जारी; पंजाब सरकार ने उठाए सवाल

Mathura Boat Accident: उत्तर प्रदेश के मथुरामें यमुना नदी में नौका पलटने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इस मामले में नाविक को गिरफ्तार कर लिया गया है। रेस्क्यू टीमें लापता लोगों की तलाश कर रही हैं और उधर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि घटवा के संबंध उनकी सरकार उत्तर प्रदेश प्रशासन से बात करेगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए और हम इस संबंध में उनसे जरूर बात करेंगे।

मथुरा नाव हादसा : मथुरा जिले में शुक्रवार की शाम यमुना नदी में नौका पलटने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है और 5 लापता लोगों की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी है। इस मामले में नाविक को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं पुलिस ने दुर्घटना वाली नौका खेह रहे मल्लाह पप्पू निषाद तथा पीपा पुल की मरम्मत का कार्य करने वाले ठेकेदार नारायण शर्मा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुकदमे के मुताबिक, नाविक पर आरोप है कि उसने पहले तो नाव में बैठाने से पहले किसी भी तीर्थयात्री को तैरना न आने के बाद भी लाइफ जैकेट नहीं दी। यदि ऐसी सामान्य सावधानी बरती होती तो संभव है इतनी बड़ी जनहानि न होती। वैसे भी, उसकी नाव में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वृंदावन में जब नौका पलटी तब उसमें क्षमता से अधिक लोग सवार थे और किसी के पास भी ’लाइफ जैकेट’ नहीं थी। उन्होंने दुर्घटना का कारण सुरक्षा उपायों की कमी को बताया। मान ने कहा कि उनकी सरकार उत्तर प्रदेश प्रशासन से बात करेगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

Mathura Yamuna Boat Accident

मथुरा नाव हादसे का अपडेट

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि पुलिस ने मांट थाने में नाविक पप्पू और पीपा पुल (पोंटून पुल) के ठेकेदार नारायण शर्मा के खिलाफ शुक्रवार शाम मुकदमा दर्ज किया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने भी एक और शव बरामद किए जाने की पुष्टि की है। हालांकि चार लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि लापता लोगों की तलाश फिलहाल यमुना नदी के 14 किलोमीटर के दायरे में केंद्रित है। नदी की धारा को देखते हुए ऐसा अंदेशा है कि लापता लोग काफी नीचे की ओर बह गए होंगे। सेना की ’स्ट्राइक वन कोर’ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मचारी 20 घंटे से अधिक समय से लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

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