Madhya Pradesh News: पन्ना में नाबालिग आदिवासी किशोरी के गर्भपात के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मैस्कॉट हॉस्पिटल का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। जांच में अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है।
मैस्कॉट हॉस्पिटल (फोटो साभार- TNN)
18 साल से कम उम्र की किशोरी का गर्भपात
जानकारी के अनुसार, 18 वर्ष से कम उम्र की किशोरी को 19 जुलाई 2026 की रात अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में गर्भसमापन की प्रक्रिया की गई, जबकि इसके लिए आवश्यक अधिकृत अनुमति नहीं होने की बात जांच में सामने आई है। सबसे गंभीर बात यह रही कि मामले की सूचना पुलिस और बाल कल्याण समिति को भी नहीं दी गई।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई। अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा गया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित कानून के प्रावधानों के तहत अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने का आदेश जारी किया है।
निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सीएमएचओ पन्ना राजेश प्रसाद तिवारी की ओर से कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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अस्पताल के ऊपर प्रशासन ने करवाई FIR
हालांकि प्रशासन अब अस्पताल प्रशासन के ऊपर FIR कर रहा है, लेकिन आदेश के बावजूद भी अस्पताल प्रबंधन अभी भी बाकायदा मरीजों को भर्ती कर रहा है और मरीजों को देख रहा है। पंजीयन निरस्त होने के बाद भी अस्पताल में मरीजों का इलाज जारी है, जिससे प्रशासन के आदेश के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई है और आगे भी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
