Angel Chakma Murder: देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा पर हुए नस्लीय हमले और उनकी मौत के मामले पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
माणिक साहा ने पुष्कर धामी से फोन पर की बातचीत (फाइल फोटो | PTI)
CM धामी ने दिया न्याय का भरोसा
मुख्यमंत्री साहा ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की है। बातचीत के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने उन्हें जानकारी दी कि अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है, जिसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और पीड़ित परिवार को पूरा न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि कानून के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित परिवार से मिलेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी और समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि मृतक छात्र एंजेल चकमा त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के निवासी थे। उन्होंने कहा कि यह घटना न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे राज्य के लिए गहरा आघात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे, हालात की जानकारी लेंगे और हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
नस्लीय हमले में गई थी छात्र की जान
गौरतलब है कि देहरादून में त्रिपुरा से आए दो युवकों, 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा और माइकल चकमा पर कुछ लोगों ने नस्लीय टिप्पणी करते हुए हमला किया था। आरोप है कि हमलावर नशे की हालत में थे और नस्लीय गालियों के बाद चाकू से हमला किया गया। एंजेल चकमा करीब 17 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते रहे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, माइकल चकमा इस हमले में घायल हैं। इस मामले में उत्तराखंड पुलिस ने अब तक अविनाश नेगी, शौर्य राजपूत, सूरज खवास, आयुष बदोनी और सुमित नामक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
