कोलकाता के कैथेड्रल रोड पर आयोजित 'पश्चिम बंगाल तृणमूल छात्र परिषद' (WBTMCP) के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सख्त लहजे में कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन, चाहे वह ममता बनर्जी करें या कोई और, अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ममता बनर्जी और आयोजकों पर कानूनी शिकंजा
आसनसोल में पत्रकारों से बात करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया कि पिछली ममता बनर्जी सरकार ने लगातार न्यायपालिका का अनादर किया और न्यायाधीशों को बार-बार अपमानित किया। उन्होंने कहा कि अब राज्य में कानून का शासन है और इस तरह की हरकतों को सहन नहीं किया जाएगा। वहीं, राज्य के एक अन्य मंत्री इंद्रनील खान ने भी हमला बोलते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने कभी भी देश के संविधान और कानूनों का सम्मान नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी उनकी वही मानसिकता बनी हुई है और वे खुद को कानून से ऊपर मानती हैं।
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28 अगस्त को दर्ज की गई FIR
पुलिस द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार, यह एफआईआर 28 अगस्त को सब-इंस्पेक्टर अपू वैद्य की लिखित शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम के लिए दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक की समय सीमा तय की गई थी। लेकिन ममता बनर्जी और आयोजकों ने समर्थकों को उकसाया, जिसके बाद भीड़ ने पुलिस बैरिकेड्स हटा दिए और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की।
पुलिस ने कौन-कौन सी धाराएं की दर्ज?
इस अव्यवस्था के कारण कैथेड्रल रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और कोर्ट द्वारा तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कार्यक्रम जारी रखा गया। पुलिस ने एफआईआर में आपराधिक साजिश, लोक सेवक के आदेश की अवहेलना, दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने और सार्वजनिक मार्ग पर बाधा उत्पन्न करने जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।
