Royal Bengal Tiger: महाराष्ट्र का एक रॉयल बंगाल टाइगर ओडिशा में देखा गया है। यह टाइगर 2000 किमी की यात्रा और चार राज्यों को पार करके ओडिशा के जंगलों में पहुंचा है। इस टाइगर ने इस लंबे सफर को पूरा करने में पूरे पांच महीने का समय लगाया। इस संबंध में वन कर्मचारियों ने जानकारी दी। वन कर्मचारी ने बताया कि यहीं रॉयल बंगाल टाइगर कुछ महीनों पहले महाराष्ट्र के जंगलों में भी देखा गया है। जब से यह टाइगर ओडिशा में देखा गया है तब से वन विभाग के लोग जंगली जानवरों की आवाजाही पर नजर रख रहे हैं।
महाराष्ट्र का टाइगर पहुंचा ओडिशा
भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजी गई टाइगर की तस्वीर
परलाखेमुंडी डिवीसन के वन अधिकारी एस. आनंद ने बताया कि महाराष्ट्र के जंगलों में ऐसी ही धारियों के पैटर्न का मेल टाइगर देखा गया था। सितंबर महीने से ही यह टाइगर को ओडिशा में नजर आ रहा है। ओडिशा में यह बाघ गजपति के महेंद्र वन रेंज में देखा गया है। उन्होंने बताया कि जब इस बाघ को इस एरिया में पहली बार देखा गया तो इसका मूल क्षेत्र पता लगाने के लिए टाइगर की तस्वीर खींची गई और भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजी गई।
आसपास के लोगों को किया गया अलर्ट
भारतीय वन्यजीव संस्थान ने इसकी पुष्टि की है कि इस टाइगर की तस्वीर महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी वन प्रभाग में ली गई टाइगर की तस्वीर से बिल्कुल मेल खाती है। एस आनंद ने बताया कि यह बाघ महाराष्ट्र से चलकर ओडिशा आने के बीच छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश राज्यों से होकर आया है। इस बाघ के ओडिशा आने के बाद सीमावर्ती इलाकों के निवासियों को सर्तक किया गया है। इसके लिए 35 सदस्यों की पांच टीमों को वहां तैनात किया गया है। इस बाघ के द्वारा अनलाबारा गांव की एक गाय को अपना शिकार बनाने की भी खबर आई है। जिसके बाद से गांव के लोगों में डर बैठा हुआ है। इस कारण वन विभाग के लोगों ने गांव के लोगों से कहा है कि उन्हें घबराने की जरूरत नही है और वे वन अधिकारियों की सलाह का पालन जरूर करें।
