महाराष्ट्र में रोजगार की नई क्रांति! AI से तैयार हुआ देश का पहला Skill Census, घर-घर के डेटा से तय होगी नौकरी और ट्रेनिंग की राह

महाराष्ट्र सरकार ने रोजगार और कौशल विकास को लेकर एक नई पहल की है, जिसमें AI और जमीनी स्तर पर जुटाए गए डेटा का इस्तेमाल किया गया है। मुंबई सबअर्बन जिले में देश का पहला AI-enabled Skill Census तैयार कर सरकार ने लोगों की स्किल, रोजगार क्षमता और जरूरतों का डिजिटल आकलन किया है।

Maharashtra AI Skill Census: रोजगार और स्किल डेवलपमेंट की योजना अब सिर्फ अनुमान नहीं, बल्कि घर-घर से जुटाए गए डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आधार पर तैयार हो सकती है। इसी सोच के साथ महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई सबअर्बन जिले में देश के पहले AI-enabled Skill Census की इम्पैक्ट रिपोर्ट जारी की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई राज्य कैबिनेट बैठक के दौरान रिपोर्ट का अनावरण किया। सरकार का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में रोजगार आधारित गवर्नेंस की दिशा बदल सकता है।

Maharashtra AI Skill Census

‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ की ओर बड़ा कदम!

देश का पहला वार्ड-लेवल AI आधारित आजीविका डेटाबेस

'Saksham Skill Census and Livelihood Mapping' के तहत मार्च से जुलाई 2026 के बीच बांद्रा वेस्ट, सांताक्रूज वेस्ट और खार वेस्ट में डोर-टू-डोर सर्वे किया गया। AI Voice Agent और मोबाइल प्लेटफॉर्म की मदद से 59,824 घरों, 44,982 नागरिकों, 1,018 एम्प्लॉयर्स और 54 ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया। वहीं सरकार का दावा है कि यह देश का पहला वार्ड-लेवल AI आधारित आजीविका डेटाबेस (Livelihood Database) है। राज्य के स्किल डेवलपमेंट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि "Saksham सरकार के रोजगार समझने के तरीके में बड़ा बदलाव है। अब फैसले अनुमान नहीं, बल्कि AI से तैयार हुए सत्यापित हाउसहोल्ड डेटा के आधार पर लिए जा सकेंगे। टेक्नोलॉजी और सुशासन का यह मेल 'विकसित महाराष्ट्र 2047' के विजन को गति देगा।"

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