Rickshaw Taxi Drivers Marathi Learning: महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चलाने वाले चालकों के लिए राज्य सरकार की ओर से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis Announcement) ने गुरुवार को औपचारिक रूप से घोषणा की कि राज्य के गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को व्यावहारिक (बोलचाल की) मराठी भाषा सीखने के लिए 1 साल का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस एक साल की समयावधि के दौरान मराठी भाषा का ज्ञान न होने पर किसी भी चालक के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार की बड़ी राहत (फाइल फोटो)
यह फैसला ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा की गई मांग के बाद लिया गया है। हाल ही में हाजी अरफात शेख के नेतृत्व में चालक यूनियनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। चालकों के प्रतिनिधियों ने सरकार के इस नियम का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि वे मराठी भाषा सीखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी व्यावहारिक समस्याएं भी रखीं।
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सरकार ने मानी यूनियन की शर्त
यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि रिक्शा और टैक्सी चालक अलग-अलग आयु वर्ग से आते हैं। इनमें से कई चालक ऐसे हैं जिन्होंने सालों पहले अपनी औपचारिक पढ़ाई छोड़ दी थी, इसलिए उनके लिए इतने कम समय में नई भाषा सीख पाना बेहद कठिन हो रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उन्हें भाषा सीखने के लिए कम से कम 1 साल का समय दिया जाए। सरकार ने उनकी इस मांग को सहानभूतिपूर्वक स्वीकार करते हुए राहत देने का निर्णय लिया।
परिवहन विभाग ने 15 अगस्त तक की समयसीमा की थी तय
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस एक वर्ष की अवधि के दौरान सरकार चालकों के लिए विशेष मराठी कक्षाओं का आयोजन करेगी और उन्हें अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराएगी। इससे पहले, परिवहन विभाग ने 15 अगस्त तक की समयसीमा तय की थी और परीक्षण में विफल रहने वाले 1,268 चालकों को नोटिस जारी किए थे। लेकिन अब सरकार के इस नए आदेश के बाद चालकों को राहत मिली है और उन्हें सीखने का पूरा मौका दिया जाएगा।
