Madhya Pradesh Budget 2026-27: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4.38 लाख करोड़ रुपये (4,38,317 करोड़) का बजट पेश किया है। यह बजट 'समृद्ध मध्यप्रदेश@2047' को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इस बार बजट को GYANII मॉडल पर आधारित किया गया है, जबकि वर्ष 2025-26 का बजट GYAN मॉडल पर आधारित था। कुल बजट का लगभग 90 प्रतिशत या लगभग तीन लाख करोड़ रुपये इन छह स्तंभों के लिए आवंटित किया गया है। महिला केंद्रित योजनाओं के लिए 1,27,555 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें प्रमुख 'लाडली बहना योजना' के लिए 23,883 करोड़ रुपये शामिल हैं, जो 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
एमपी बजट 2026-27 के दौरान सीएम मोहन यादव और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा (फोटो-@DrMohanYadav51)
क्या है GYANII
GYANII में G-गरीब कल्याण, Y-युवा शक्ति, A-अन्नदाता, N-नारी शक्ति, I-इंफ्रास्ट्रक्चर और I-इंडस्ट्री को शामिल किया गया है। सरकार ने बजट में पांच प्रमुख स्तंभों-तीन वर्षीय रोलिंग बजट, किसान कल्याण वर्ष 2026, गरीबी सूचकांक (MPI), पूंजीगत व्यय और नई योजनाओं पर विशेष फोकस रखा है। रोलिंग बजट के माध्यम से वार्षिक बजट को दीर्घकालिक विकास दृष्टि से जोड़ा गया है।
किसान कल्याण वर्ष 2026
वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित करते हुए कृषि क्षेत्र के लिए कुल 1,15,013 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उत्पादन एवं उत्पादकता वृद्धि के लिए 28,158 करोड़, आदान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 64,995 करोड़, उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए 8,091 करोड़ और सुरक्षा चक्र के लिए 13,769 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना के तहत 3,000 करोड़ की लागत से एक लाख सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए कितना बजट
केन-बेतवा लिंक और पार्वती-काली सिंध जैसी राष्ट्रीय सिंचाई परियोजनाओं पर 79,605 करोड़ की अनुमानित लागत से कार्य जारी हैं। बुंदेलखंड-बघेलखंड में पतेन-ब्यारमा सूक्ष्म दाब सिंचाई परियोजना से ढाई लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी।
राज्य के इतिहास में पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत निवेश किया जाएगा। अतिरिक्त बजट संसाधनों सहित पूंजीगत व्यय 1,06,156 करोड़ रुपये रहेगा। उज्जैन में 1,000 करोड़ की लागत से एलिवेटेड कॉरिडोर और इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (2,360 करोड़) परियोजना को गति दी जाएगी। मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के तहत 30,900 किमी सड़कों की स्वीकृति दी गई है।
स्वास्थ्य पर फोकस
स्वास्थ्य पर 24,144 करोड़, शिक्षा पर 31,953 करोड़ और जीवन स्तर सुधार पर 49,365 करोड़ रुपये का प्रावधान है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 23,883 करोड़, अटल कृषि ज्योति योजना के लिए 13,914 करोड़ और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 6,850 करोड़ रुपये रखे गए हैं। MPI आधारित बजटिंग को एक अभिनव पहल बताया गया है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास और स्वच्छता जैसे मानकों को समग्र रूप से शामिल किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है और न ही मौजूदा कर दरों में वृद्धि की गई है।
