अल्मोड़ा : कत्यूरी शासनकाल का रहस्यमयी स्याही देवी मंदिर, जहां बदलती है माता की मूर्ति; CM धामी ने शेयर किया वीडियो

अल्मोड़ा के शीतलाखेत स्थित प्राचीन मां स्याही देवी मंदिर अपनी अनूठी मान्यताओं और कत्यूरी कालीन वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ माता की मूर्ति दिन में तीन बार अपना रूप बदलती है।

उत्तराखंड की मनमोहक वादियों में देवी-देवताओं का वास मिलता है। यही कारण है कि इसे देवभूमि कहा जाता है। ऐसा ही अल्मोड़ा जिले में शीतलाखेत के पास प्राचीन और प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां स्याही देवी मंदिर स्थित है। शांत वातावरण और पहाड़ों के बीच स्थित मंदिर एक दिन में निर्माण किया गया था। स्थानीय मान्यताएं हैं कि इस मंदिर में माता की मूर्ति दिन में तीन बार अपना रूप बदलती है। इस मंदिर का निर्माण कत्यूरी शासनकाल में हुआ था और इसे अल्मोड़ा के राजाओं की कुलदेवी माना जाता है।

Maa Syahi Devi Temple

अल्मोड़ा में प्राचीन मां स्याही देवी मंदिर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मंदिर की विशेषताओं से जुड़ी एक खास पोस्ट की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि "जनपद अल्मोड़ा के शीतलाखेत क्षेत्र में स्थित मां स्याही देवी मंदिर, आदिशक्ति मां भगवती को समर्पित है। इस पावन मंदिर का निर्माण कत्यूरी शासनकाल में किया गया था। रमणीय पर्वतीय वातावरण के बीच माँ का दर्शन आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम एहसास कराता है। अल्मोड़ा जनपद आगमन पर आप भी इस पावन मंदिर के दर्शन अवश्य करें।

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