UP का ग्लोबल शोकेस: IFTM टॉप रेसा 2025 में छाने को तैयार यूपी, प्रदेश के पर्यटन स्थलों का होगा प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश का पर्यटन विभाग IFTM टॉप रेसा 2025 में छाने की तैयारी कर रहा है। इस इवेंट में भागीदारी यूपी के लाभकारी होगी। इससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही विदेशी निवेश आकर्षित होगा, खासकर हेरिटेज साइट्स, वेलनेस रिसॉर्ट्स और इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स में, जो उत्तर प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा और तीसरे, सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।

UP: उत्तर प्रदेश को बीते 8 साल में बीमारू प्रदेश से उबार कर देश का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब यूपी के पर्यटन सेक्टर को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने का बीड़ा उठा लिया है। इसके लिए उन्होंने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को आगामी 23 से 25 सितंबर 2025 के बीच फ्रांस की राजधानी पेरिस के पोर्टे डे वर्सेल्स में आयोजित होने जा रहे 'इंटरनेशनल एंड फ्रेंच ट्रैवल मार्केट- IFTM टॉप रेसा 2025' में भागीदारी के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिये हैं। पर्यटन के क्षेत्र में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में यूपी पर्यटन विभाग की टीम प्रदेश के टूरिज्म सेक्टर की अनगिनत संभावनाओं को दुनिया के सामने रखने की पूरी योजना बना रही है, ताकि विदेशी पर्यटक और निवेशक उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित हो सकें। इस आयोजन में 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे।

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FTM टॉप रेसा 2025 में छाने को तैयार यूपी (फोटो - टाइम्स नाउ नवभारत)

IFTM टॉप रेसा 2025 में छाने यूपी पर्यटन विभाग की तैयारी

'इंटरनेशनल एंड फ्रेंच ट्रैवल मार्केट (IFTM) टॉप रेसा 2025' में छाने के लिए यूपी पर्यटन विभाग जोर-शोर से तैयारी कर रहा है। यहां विदेशी आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, जैसे ओडीओपी उत्पादों और विविध संस्कृतियों की झलक दिखाई जाएगी। स्टॉल पर उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, कलाकृतियां और मंदिर वास्तुकला से सजा रचनात्मक सेट-अप होगा, जो आगंतुकों को सीधे आकर्षित करेगा। बता दें कि इस इवेंट में यूपी की भागीदारी प्रदेश के लाभकारी साबित होगी। सबसे पहले, विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। दूसरे, विदेशी निवेश आकर्षित होगा, खासकर हेरिटेज साइट्स, वेलनेस रिसॉर्ट्स और इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स में, जो उत्तर प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा। तीसरे, सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा, जिससे स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा।

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