उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे का असर जारी है। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में थोड़ी राहत की संभावना जताई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर भारत के पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं का रुख बदल सकता है। पछुआ हवा के साथ दक्षिण की गर्म हवाएं शामिल होने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में क्रमशः 2-4 डिग्री और 4-6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। इससे कोहरा छंटने और धूप खिलने की स्थिति बनेगी।
फाइल फोटो।
कहां कितना रहा तापमान
बुधवार को मेरठ 6 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जबकि झांसी 6.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ तीसरा सबसे ठंडा शहर रहा। दोपहर में धूप खिलने से झांसी का अधिकतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। हालांकि, शाम होते ही ठंडी हवाओं और शीतलहर का प्रभाव बढ़ने लगा।
कोल्ड डे की चेतावनी
मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 23 जिलों, जैसे श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद और बरेली समेत कई इलाकों में शीत दिवस की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में हल्के से मध्यम कोहरे के साथ ठंड का प्रभाव जारी रहेगा।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि जनवरी में ठंडक और बढ़ेगी। उत्तर-पूर्वी दिशा से आ रही बर्फीली हवाएं तापमान को और गिराएंगी। उन्होंने इस सप्ताह घने कोहरे और कंपकंपी भरी सर्दी की संभावना जताई है।
