Yogi Cabinet Decision: उत्तर प्रदेश में बस से सफर करने वाले लोगों के लिए प्रदेश की सरकार बड़ी खुशखबरी देने जा रही हैं। दरअसल, मंगलवार को योगी सरकार की कैबिनेट का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में प्रदेश की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के 23 बस स्टैंड को सार्वजनिक निजी भागीदारी (Public Private Partnership) के तहत एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि भविष्य में जब यह प्लान सफलतापूर्वक बनकर तैयार होगा तो प्रदेश में रहने वाले आम लोगों को एयरपोर्ट वाली कई प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
Yogi Cabinet Meeting : यूपी के विकास को लगेंगे पंख, एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे ये 23 बस स्टैंड (Pic: ANI)
ये है वो बस स्टैंड
वहीं, परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने कैबिनेट में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि गाजियाबाद के साहिबाबाद, आगरा के ट्रांसपोर्ट नगर और ईदगाह, मथुरा के पुराना बस स्टैंड, कानपुर के कानपुर सेंट्रल, वाराणसी के कैंट, प्रयागराज के जीरो रोड और लखनऊ के अमौसी बस स्टैंड को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बस स्टैंड को एयरपोर्ट की तर्ज पर बस पोर्ट बनाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है।
उन्होंने बताया कि लखनऊ के चारबाग, गोरखपुर के गोरखपुर, अयोध्या के अयोध्याधाम, अलीगढ़ के रसूलाबाद, बरेली के सैटेलाइट, रायबरेली और मिर्जापुर में बस पोर्ट के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। जबकि बुलंदशहर के बुलंदशहर और मेरठ के गढ़मुक्तेश्वर एयरपोर्ट की तर्ज पर बस पोर्ट बनाने का प्रस्ताव को मंजूर किया गया है।
जल्द कराया जाएगा शिलान्यास
दयाशंकर सिंह के अनुसार, प्रयागराज के पुराने बस स्टैंड, कौशांबी, लखनऊ के गोमतीनगर, गाजियाबाद बस स्टैंड को बस पोर्ट में तैयार करने के लिए कंपनी का चुनाव भी हो गया है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में सीएम योगी के हाथों इसका शिलान्यास कराया जाएगा। जाहिर सी बात है, प्रदेश में सरकार का यह प्लान भविष्य में अगर सफलतापूर्वक बनकर तैयार होता है, तो उत्तर प्रदेश में बस स्टैंड, बस पोर्ट के नाम से जाना जाएगा। हलांकि इससे लोगों को एयरपोर्ट वाली सुविधाएं मिलेंगी।
