UP Budget 2024: UP राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 7350 प्रस्तावित

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 5, 2024, 02:19 PM IST

UP Budget 2024 Yogi Government Budget 2024: योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 के बजट के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में पी0जी0 सीटों की संख्या 741 से बढाकर 1543 और निजी क्षेत्र के संस्थानों में सीटों की संख्या 480 से बढ़कर 1775 हो गई है।

UP Budget 2024 on Health Mission in UP: उत्तर प्रदेश सरकार विधानमंडल में अपने दूसरे कार्यकाल का दूसरा आम बजट पेश कर रही है। सरकार ने 7 लाख 36 हजार 437 करोड 71 लाख का बजट पेश किया है। यह यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। इस बजट में महिला एंव बाल विकास समेत चिकित्सा स्वास्थ्य को प्रमुखता से रखा है। वित्तीय वर्ष 2024-2025 के बजट अनुमानों पर वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से मातृ मुत्यु दर वर्ष 2014 में 285 प्रति लाख से कम होकर वर्ष 2022 में 167 प्रति लाख तथा शिशु मृत्यु दर वर्ष 2014 में 48 प्रति हजार से कम होकर वर्ष, 2020 में 38 प्रति हजार हो गई है। वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2023 में ए0ई0एस0 (एक्यूट इन्सिफेलाइटिस सिन्ड्रोम) रोगियों की संख्या में 76 प्रतिशत तथा मृत्यु दर में 98 प्रतिशत की कमी एवं जापानी इन्सिफेलाइटिस के रोगियों की संख्या में 85 प्रतिशत तथा मृत्यु में 96 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं, प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सरकारी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 1840 से बढ़कर कर 3828 हो गयी है और निजी क्षेत्र के संस्थानों में सीटों की संख्या 2550 से बढ़कर 5250 हो गयी है। इस प्रकार कुल 9078 सीटें उपलब्ध हो गई हैं।

UP Budget 2024 Yogi Government Budget 2024

यूपी बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा बजट

चिकित्सा संस्थानों में पी0जी0 सीटों में इजाफा

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में पीजी सीटों की संख्या 741 से बढ़कर 1543 तथा निजी क्षेत्र के संस्थानों में सीटों की संख्या 480 से बढ़कर 1775 हो गयी है। इस प्रकार पी0जी0 की कुल 3318 सीटें उपलब्ध हो गयी हैं। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत 4 करोड़ 86 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित किये गये हैं। लाभार्थी परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा सूचीबद्ध राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों के माध्यम से प्रदान की जा रही है।

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