उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर भी तंज कसा। सीएम ने सदन में उनकी खाली सीट (यादव उस समय सदन में नहीं थे) को लेकर कहा कि किसी भी समस्या के दो हल होते हैं। भाग लो या भाग लो...चुनौती स्वीकारो या नेता प्रतिपक्ष की सीट खाली है, उस तरह गायब हो लो।
ये बातें उन्होंने बुधवार (एक मार्च, 2023) को विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान कहीं। वह बोले- छह साल में सूबे के बजट का आकार दोगुना से ज्यादा बढ़ा है। साल 2023 का बजट 6.90 लाख करोड़ रुपए का है। यह यूपी के आर्थिक विकास और जीडीपी की प्रगति को दिखाता है। यह जनविश्वास की यात्रा है। सरकार समस्याओं से मुंह मोड़ने वाली नहीं है।
बकौल सीएम योगी, "विरोधी दल के नेता ने कल जो कहा कि उन्हें यूपी को पिछले पायदान पर धकेलने में अच्छा लग रहा था। हर समस्या के दो समाधान होते हैं- भाग लो या भाग लो..। हम 25 करोड़ जनता के लिए इस सदन में बैठे हैं। नेता प्रतिपक्ष कल कह रहे थे कि आप दावोस गए होते तो 50 लाख करोड़ रुपए का निवेश आ जाता। आखिर मान गए न कि निवेश आया है।"
उनके मुताबिक, 2022 से पहले हमारी पार्टी ने लोक संकल्प पत्र जारी किया था, जिसमे 130 संकल्प शामिल किए गए। अब आप सब भी संकल्प पत्र घोषित करते हैं। 2016 में रियो डी जीनेरियो के ओलंपिक खिलाड़ियों को आपने एक एक करोड़ देने की घोषणा की थी...खैर छह महीने बाद सरकार से ही चले गए। बाद में हमारी सरकार ने उन प्लेयर्स का सम्मान किया। आप सिर्फ घोषणा ही करते हैं। हम संकल्प लेते हैं और उन्हें पूरा भी करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीती सरकारों में टैक्स चोरी होती थी। बहुत सारे इसके नमूने मिलेंगे। कैग की रिपोर्ट जैसी कई रिपोर्ट्स हैं। सीएम योगी ने आगे बताया, "ये लोग कहते थे कि नोएडा कोई मुख्यमंत्री गया तो लौटता नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने भी मान लिया था कि अब नहीं आऊंगा, पर मैंने कहा कि मैं वापस आऊंगा।" यही नहीं, उन्होंने कहा- हमने कोरोना जैसी महामारी से लड़कर राजकोषीय वित्तीय घाटे को नियंत्रित रखा और हमने वैक्सीन जाति पूछकर नहीं दी। सदन में कल नेता प्रतिपक्ष राष्ट्र कवि दिनकर की कविता तो पढ़ नहीं पा रहे थे। खन्ना जी की कविता पर बोल रहे थे...।
प्रयागराज की घटना के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा- कल प्रयागराज की घटना की साज़िशकर्ता की फोटो से टीवी रंगीन था,हाथ मिला रहे थे पूरी कहानी बयां हो रही थी...। आप जाति की बात करते हैं, क्या प्रयागराज मे उमेश पाल की जाति नही थी? सिपाही संदीप निषाद की कोई जाति नही थी? अपने दम पर विधायक बने राजू पाल की कोई जाति नहीं थी क्या?
