Mukhtar Ansari Latest News in Hindi: गैंगस्टर से राजनेता बने जेल में बंद कुख्यात बाहुबली मुख्तार अंसारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि 127 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति से जुड़े मामले में आयकर विभाग की ओर से उसे नोटिस थमा दिया गया है। अंसारी को आईटी डिपार्टमेंट की बेनामी इकाई (लखनऊ में) से मिला यह पहला नोटिस है, जो सीधे यूपी की बांदा जेल में उस तक पहुंचाया गया है। विभाग की ओर से इस नोटिस में अंसारी से इस प्रॉपर्टी के डिटेल्स मांगे गए हैं। नोटिस में आयकर की ओर से सवाल दागे गए हैं कि आखिरकार यह प्रॉपर्टी किन रुपयों से खरीदी गई और वे कहां से आए थे? अंसारी को इन जवाबों को देने के लिए हफ्ते भर की मोहलत दी गई है।
मुख्तार अंसारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का रहने वाला है। (फाइल)
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट्स में आगे कहा गया कि नोटिस के मुताबिक, गाजीपुर की यह जमीन गणेश दत्त मिश्रा ने ली थी और जानकारी दी गई थी कि उन्होंने इसे एक करोड़ 29 लाख रुपए में लिया। हालांकि, आईटी विभाग को यह भी मालूम पड़ा कि मिश्रा की सालाना आय काफी कम है, लिहाजा वह इतनी मोटी रकम एक बार में नहीं चुका सकता था। मिश्रा ने इस खरीद के लिए लोन लिया था। रोचक बात यह है कि जिस कंपनी से उसने ऋण उठाया उसका अंसारी से कनेक्शन है। मुख्तार की फैमिली के लोग कंपनी से डायरेक्टर और शेयर होल्डर के नाते जुड़े थे।
इस बीच, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी पर आयकर विभाग की तलवार लटकी है। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि बाप-बेटे की जोड़ी से कभी भी आईटी के अफसर कभी भी पूछताछ करने पहुंच सकते हैं, जबकि बेटे और बहू निखत अंसारी की भेंट में मददगार बनने वाले चित्रकूट के जेल वॉर्डन की जमानत खारिज कर दी गई।
आईटी डिपार्टमेंट के अनुसार, कंपनियों में अफशां भी किसी न किसी रूप में जुड़ी हैं, जो कि इशारा करता है कि बेनामी संपत्ति का मुख्तार से कुछ तो कनेक्शन है। वैसे, इससे पहले यूपी पुलिस ने अंसारी की पत्नी अफशां पर 50 हजार रुपए का ईनाम बढ़ा दिया था। कुछ वक्त पहले गाजीपुर में पुलिस ने ईनामी अपराधियों की सूची जारी की थी, जिसमें 12 नाम थे और इसमें अफशां अंसारी भी शामिल थीं, जिन पर कोतवाला थाना क्षेत्र में 406, 420, 386 और 506 के तहत केस दर्ज हैं। फिलहाल अफशां फरार हैं।
