उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फूलों की खेती करने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि फूलों की ताजगी सीमित समय तक ही बनी रहती है और मंडी तक पहुंचने में देरी से उनकी गुणवत्ता पर असर पड़ता है। इसे देखते हुए शनिवार को हुई उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की 171वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब फूलों के किसानों को मंडी परिसर के बाहर व्यापार करने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
इसके साथ ही, प्रदेश में 10 नई मंडियों और उपमंडी स्थलों की स्थापना की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रयागराज स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय रज्जू भइया विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के छात्र अब मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का लाभ ले सकेंगे।मुख्यमंत्री ने मंडियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी मंडियों में ‘शबरी कैंटीन’ की स्थापना का निर्देश दिया, ताकि किसानों और मजदूरों को सस्ता और पौष्टिक भोजन मिल सके।
मंडी परिषद की आय वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹1994.55 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 16.2% अधिक है। इसके अलावा, नए संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए ₹242.27 करोड़ की मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंडियों में किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने मंडी परिषद को किसानों की भलाई और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले एक नए मॉडल में बदलने की जरूरत पर बल दिया।
