अयोध्या आने वाले भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। चंद्र ग्रहण के कारण 7 सितंबर को रामलला और अयोध्या के अन्य बड़े मंदिरों में दर्शन लगभग 9 घंटे तक बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, 7 सितंबर की रात 9 बजकर 59 मिनट से चंद्र ग्रहण शुरू होगा, जो रात 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है।
अयोध्या राम मंदिर (फोटो - टाइम्स नाउ नवभारत)
सूतक काल के कारण बंद रहेंगे कपाट
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले ही सूतक काल लग जाता है। यही कारण है कि रविवार दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से ही सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस दौरान दर्शन के लिए अयोध्या न आएं, क्योंकि भगवान के दर्शन सूतक काल समाप्त होने के बाद ही संभव हो पाएंगे।
सोमवार को शुरू होंगे रामलला के दर्शन
सूतक काल खत्म होने के बाद सोमवार की सुबह मंगला आरती के बाद ही भक्त रामलला और अन्य मंदिरों में विराजमान भगवान के दर्शन कर सकेंगे। हनुमानगढ़ी के संत राजू दास ने बताया कि सूतक काल में केवल बच्चों और बुजुर्गों को ही भोजन करने की अनुमति होती है। इस समय को भगवान का भजन-कीर्तन और मंत्र जाप करने के लिए सबसे शुभ माना गया है। इसलिए, देश-विदेश से अयोध्या पहुंचने वाले भक्तों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए ही बनाएं।
साल का अंतिम चंद्र ग्रहण
आज, 7 सितंबर 2025 को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण है। बताया जा रहा है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। इस दौरान 3 घंटे 37 मिनट का चंद्र ग्रहण लगा रहेगा। भारत के अलावा यह चंद्र ग्रहण न्यूजीलैंड, अमेरिका, फिजी और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ नहीं किया जाता है। मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। यहां तक की कई मान्यताओं में चंद्र ग्रहण के दौरान खाना-पीना और बनाना भी मना होता है।
