Lucknow: संत रामपाल की विवादित पुस्तकों पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगा जवाब

लखनऊ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जेल में बंद संत रामपाल की विवादित पुस्तकों के संबंध में राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस संगठन की ओर से दायर याचिका पर दिया है।

Lucknow News: संत रामपाल के संस्थान द्वारा प्रकाशित पुस्तकों में हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने यह फैसला हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस नामक संगठन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।

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रामपाल की विवादास्पद किताबों के मुद्दे पर सरकार से जवाब तलब (फाइल फोटो|PTI)

धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

याचिकाकर्ता की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने अदालत को बताया कि संत रामपाल के संस्थान की पुस्तकों में हिंदू आस्था से जुड़े देवी-देवताओं के प्रति आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य के प्रमुख सचिव (गृह) को शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

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