लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की तरक्की के लिए लगातार नए प्रोजेक्ट लॉच कर रही है। 32 औद्योगिक शहरों और शहर के आसपास नई टाउनशिप बसाने की योजना के बाद एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए पिटारा खोला है। सरकार एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के जरिए से औद्योगिकीकरण को रफ्तार देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर का आकार देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
सात जिलों के 24 गांव UPDA में शा
.यूपीडा 24 गांवों की जमीन करेगा अर्जित
फिलहाल, सरकार ने दो और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के किनारे औद्योगिक नगरों को डेवलप करने का रास्ता क्लियर कर दिया है। इस उद्देश्य से सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के किनारे सात जिलों के 24 गांवों की जमीन अर्जित कर उप्र एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) में शामिल करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के ये गांव शामिल
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारे आगरा की फतेहाबाद तहसील के अई, भलोखरा व जलालपुर, फिरोजाबाद जिले की शिकोहाबाद तहसील के धनपुरा, करनपुर, सुजावलपुर व फतेहपुर करखा, कानपुर नगर की बिल्हौर तहसील के अरौल व बहरामपुर गांव, इटावा की सैफई तहसील के हरदोई व शिवपुरी टिमरूआ और कन्नौज की तिर्वा तहसील के अलीपुर अहाना व ठठिया को यूपीडा में शामिल करने के लिए अधिसूचित किया गया है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे ये गांव यूपीडा में शामिल
वहीं, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे गोरखपुर जनपद की खजनी तहसील के बहादुरपुर बुजुर्ग, बहादुरपुर खुर्द, हरनही, गाजर जगदीश, डड़वा, सोनारी शंकर व बहुरीपार खुर्द तथा अंबेडकरनगर की जलालपुर तहसील के नूरपुर कला, अजमलपुर व गौरी बड़ाह गांव को यूपीडा में शामिल किया जाएगा।
आपको बता दें कि इससे पहले सरकार ने गंगा एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के किनारे 23 जिलों के 84 गांवों की जमीन को यूपीडा में शामिल करने के लिए अधिसूचित किया था।
उद्योगों के डेवलपमेंट पर जोर
एक्सप्रेसवे के जरिए औद्योगीकरण को तेज गति देने के लिए सरकार चाहती है कि इन परियोजनाओं के किनारे लॉजिस्टिक्स और भंडारण से जुड़े उद्योगों के अलावा खाद्य व दुग्ध प्रसंस्करण तथा कृषि आधारित उद्योग, कपड़ा व मशीन निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और रसायन आदि क्षेत्रों से जुड़े उद्योग स्थापित किए जाएं।
अधिसूचना जारी
बहरहाल, अधिसूचना जारी होने के बाद उप्र एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) इन गांवों की जमीन अधिग्रहित करने की कार्यवाही करेगा। अधिग्रहित की जाने वाली जमीन पर यूपीडा उद्योगों की स्थापना के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करेगा, ताकि वहां पर औद्योगिक नगर विकसित किए जा सकें। जिन गांवों की जमीन अधिग्रहित की जानी है उसके लिए खाका खींचने का काम शुरू हो चुका है।
