आई लव मोहम्मद विवाद पर बरेली में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद कुछ हिंसक घटनाएं भी हुईं। शुक्रवार की नमाज के बाद बरेली में तनाव भड़क गया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया। इस घटना में बरेली पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, उनसे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक तौकीर रजा पर एफआईआर भी हो सकती है।
बरेली में आई लव मोहम्मद पर बवाल
पुलिस का लाठीचार्ज
बरेली में थाना कोतवाली क्षेत्र के बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास स्थित मस्जिद के बाहर सैकड़ों नमाजियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। नमाजियों ने सड़क पर उतरकर 'आई लव मोहम्मद' के अलावा 'नारा-ए-तकदीर' जैसे नारे लगाए और बैनर लहराए। भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। डीआईजी अजय साहनी ने घटनास्थल पर पत्रकारों से बातचीत में कहा- "आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई ढील नहीं बरती जाएगी। साहनी ने बरेली रेंज के चारों जिलों, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की बात कही।
कानपुर से शुरू हुआ था विवाद
यह विवाद कानपुर से शुरू हुआ था, जहां जश्न-ए-ईद-मिलादुन्नबी के जुलूस में 'आई लव मोहम्मद' के बैनर लगाने पर 25 मुस्लिम युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बरेली की प्रसिद्ध दरगाह आला हजरत ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी और जमात रजा-ए-मुस्तफा के नेतृत्व में शहर भर में समर्थन में पोस्टर अभियान चलाया गया। पिछले सप्ताह से ही जखीरा, आजमनगर, बिहारीपुर, कोहाड़ापीर, गुलाब नगर, शहामतगंज, किला, जोगी नवादा, हजियापुर, शाहदाना और सेटेलाइट सिटी जैसे इलाकों में ये बैनर लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह पैगंबर मोहम्मद के प्रति प्रेम और सम्मान की अभिव्यक्ति है, जो संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आती है।
