घटना उस अयोध्या की है, जिसके पुत्र भगवान राम हुए। ये उस राम की अयोध्या की कहानी है, जहां भगवान राम ने रिश्तों की मर्यादा की खातिर बड़े-बड़े त्याग किए। लेकिन कोतवाली अयोध्या थाना क्षेत्र के किशुंदासपुर इलाके में एक वृद्ध महिला को उसके अपने ही परिजनों ने रात के अंधेरे में मरने के लिए छोड़ दिया। आरोप है कि वृद्ध महिला के परिजन रात के अंधेरे में उन्हें सड़क किनारे छोड़ गए। गुरुवार सुबह वृद्ध महिला ठंड और अंधेरे में बेसुध पड़ी मिली और बाद में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
अयोध्या में वृद्ध महिला को सड़क किनारे छोड़ा (फोटो - CCTV Grab)
कल यानी गुरुवार 24 जुलाई की सुबह वृद्ध महिला सड़क किनारे बेसुध मिली तो किसी ने डायल 112 पर कॉल कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वृद्ध महिला को तुरंत अयोध्या मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। लेकिन गुरुवार शाम इलाज के दौरान वृद्ध महिला की मौत हो गई।
भगवान राम की धरती पर इस तरह से परिवार से अमानवीय कृत्य की उम्मीद तो नहीं थी। लेकिन यह पूरी घटना वहां लगे CCTV कैमरे में कैद हुई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि वहां एक ई-रिक्शा आता है, जिसमें दो महिलाएं और एक पुरुष बैठे हैं। बुजुर्ग को यहां सड़क किनारे उतारकर यह लोग अंधेरे में कहीं गायब हो जाते हैं।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज की मदद से उस ई-रिक्शा और उसमें सवार लोगों की पहचान करने में जुटी है। एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने जानकारी दी की गुरुवार सुबहह 9.30 बजे कॉल आयी थी कि एक वृद्ध महिला बेहोशी की हालत में सड़क किनारे पड़ी हैं। पुलिस ने तत्काल वहां पहुंचकर महिला को अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के बावजूद वृद्ध महिला को बचाया नहीं जा सका। प्रश्न यह है कि आखिर क्यों और किन परिस्थितियों में वृद्ध महिला को इस तरह सड़क किनारे छोड़ दिया गया? रात के अंधेरे में उन्हें अकेला क्यों छोड़ा गया? उनके परिजन कौन हैं और उन्होंने ऐसा अमानवीय कदम क्यों उठाया?
SP चक्रपाणि त्रिपाठी का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में एक पुरुष और दो महिलाएं दिख रही हैं। उन्हें चिन्हित करने और मृतक महिला की पहचान की कोशिश की जा रही है। पहचान होते ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
