Lucknow Cyber Crime: लखनऊ में साइबर ठगों ने धोखाधड़ी का नया तरीका खोज लिया है। जिसमें स्कैमर्स बच्चों के नाम पर उनके परिजनों के साथ ठगी को अंजाम दे रहे हैं। स्कैमर्स अभिभावकों को कॉल करके उनके बच्चों के फेल होने की झूठी सूचना देते है। जिसके बाद बच्चों को पास कराने का झांसा देकर उनसे पैसे की डिमांड करते हैं। साथ ही अभिभावकों पर उनके बच्चों के भविष्य को लेकर मानसिक दबाव डलाते हैं। इसके जरिए स्कैमर्स ऑनलाइन पैसे मांगते हैं। अगर आपके पास भी ऐसा कोई कॉल आता है, तो सावधान रहे और ऑनलाइन ठगी से बचें।
सांकेतिक फोटो
यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल बच्चों को निशाना बना रहे ठग
धोखाधड़ी का यह नया मामला यूपी बोर्ड परीक्षा से जुड़ा हुआ है। जिसमें ठगों द्वारा अभिभावकों को कॉल किया जाता है, जिसमें वे बच्चों के फेल होने की खबर देकर नंबर बढ़ाने का आश्वासन देते हैं और पैसे की डिमांड करते हैं। नंबर बढ़ाने के लिए स्कैमर्स कई बार दो किश्तों में ऑनलाइन पैसे की डिमांड करते हैं। एक किश्त रिजल्ट आने से पहले और दूसरी किश्त रिजल्ट के बाद मांगते हैं।
यूपी बोर्ड ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी
ऐसे ही एक धोखाधड़ी के मामले में स्कैमर की कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई है। जिसमें स्कैमर ने खुद को दीपक कुमार और डाटा इंक्लूडर मैनेजर बताया है। ठग ने कॉल में 6000 रुपये की मांग भी की। जब अभिभावक ने पैसे देने से मना कर दिया, तो ठग ने बच्चे का भविष्य खराब होने का डर दिखाते हुए उन्हें डराने की कोशिश की। यूपी बोर्ड ने इस ठगी के मामले के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
ऐसे फोन कॉल की सूचना DIOS को दें
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने इस मामले को लेकर एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि साइबर ठग 2025 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में शामिल छात्रों को धोखाधड़ी का निशाना बना रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे किसी भी फोन कॉल पर भरोसा न करें और किसी भी तरह के लेन-देन से बचें। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह का कोई फोन कॉल आता है, तो तुरंत इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को दें। वहीं उप निदेशक माध्यमिक विवेक नौटियाल ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस साल भी बोर्ड परीक्षा शुचितापूर्ण संपन्न हुई हैं। उन्होंने कहा है कि इसमें किसी भी तरह की संभव नहीं है।
