Lucknow News: 6 साल में UP बना एक्सप्रेस-वे प्रदेश, 30 औद्योगिक गलियारे देंगे राज्य को ऊंची उड़ान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 17, 2023, 09:24 PM IST

उत्तर प्रदेश को दो नए एक्प्रेसवे के निर्माण के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्ययोजना बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा, आगरा-लखनऊ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस के दोनों ओर औद्योगिक क्लस्टर के विकास की प्रक्रिया भी तेज होगी।

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश में एक्सप्रेसवे निर्माण की ताजा स्थिति की समीक्षा करते हुए प्रदेश में दो नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये हैं। इसके अलावा आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को नया लिंक एक्सप्रेस-वे जोड़ेगा। साथ ही गंगा एक्सप्रेस से फर्रूखाबाद से जुड़ेगा। पांच एक्सप्रेसवे के किनारे 30 औद्योगिक गलियारे भी विकसित होंगे, जिसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है। वहीं, सीएम ने समीक्षा बैठक में साल 2025 में आयोजित महाकुंभ से पहले गंगा एक्सप्रेस-वे का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि, आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सहूलियत मिल सके।

two new expressways construction

सीएम योगी आदित्यनाथ

6 वर्ष में यूपी बना एक्सप्रेस-वे प्रदेश

समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में बीते साढ़े 06 वर्ष में उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस-वे प्रदेश के रूप में नई पहचान मिली है। पूर्वांचल एक्सप्रेस, बुंदेलखंड एक्सप्रेस को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद वर्तमान में गंगा एक्सप्रेसवे, बलिया लिंक और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। इसकी कार्यवाही को पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा के भीतर पूरा करा लिया जाए। बुंदेलखंड एक्सप्रेस की राइडिंग क्वालिटी को और बेहतर करने के लिए जारी अनुरक्षण कार्य को समय से पूरा करा लिया जाए। उन्होंने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को जोड़ने के एक लिंक एक्सप्रेस-वे की आवश्यकता है। इस एक परियोजना से सभी एक्सप्रेस-वे आपस मे जुड़ जाएंगे। लगभग 60 किलोमीटर के इस लिंक एक्सप्रेस-वे के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें।

गंगा एक्सप्रेस से जुड़ेगा फर्रुखाबाद

सीएम ने अधिकारियों से कहा कि जन आकांक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जनपद फर्रुखाबाद को गंगा एक्सप्रेस से जोड़ने की आवश्यकता है। इस संबंध में अध्ययन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कराएं। वहीं, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को सौर एक्सप्रेस-वे के रूप में डेवलप किया जाना है। इसी प्रकार, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के उत्तरी स्लोप पर पौधारोपण और दक्षिणी स्लोप पर सौर ऊर्जा प्रकल्पों को विकसित किया जाए। इन प्रयासों से यह एक्सप्रेस वे राष्ट्रीय पटल पर एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत हो सकेंगे। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए बजट भी प्राविधानित की जा चुकी है। प्रारंभिक अध्ययन के अनुसार 04 लेन (06 लेन तक विस्तारणीय) चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे लगभग 14 किमी का होगा। वहीं, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा, आगरा-लखनऊ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस के दोनों ओर औद्योगिक क्लस्टर के विकास की प्रक्रिया तेज को सीएम ने कहा है। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे 11, बुंदेलखंड में 06, आगरा-लखनऊ में 05, पूर्वांचल में 06 और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे में 02 औद्योगिक गलियारे विकसित किए जायेंगे।

महाकुंभ से पहले तैयार होगा गंगा एक्सप्रेसवे

मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाली गंगा एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। नवंबर 2022 से इसका कार्य प्रारंभ हो चुका है। यह एक्सप्रेसवे प्रत्येक दशा में दिसंबर 2024 तक आम जनता के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखने के लिए अधिकारियों को निर्देश मिले हैं, ताकि प्रयागराज महाकुंभ 2025 में देश-दुनिया के श्रद्धालुगण गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रा का लाभ उठा सकें। विभागीय मंत्रीगणों के साथ समीक्षा करते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे का काम तेज कराएं। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रगति संतोषप्रद है। गोरखपुर, संतकबीर नगर आजमगढ़ और अम्बेडकर नगर जनपद के लिए यह शानदार कनेक्टिविटी का माध्यम बनेगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस का निर्माण समयबद्ध ढंग से पूरा करा लिया जाए। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के अंतर्गत घाघरा नदी पर महत्वपूर्ण सेतु बनकर तैयार हो गया है। यह आस-पास के पूरे क्षेत्र को लाभान्वित करने वाला होगा।

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