गल्ले के चावल की कालाबाजारी का भंडाफोड़; पिता की दुकान से बेटा कर रहा था घोटाला, पुलिस ने पकड़ा रंगेहाथ

लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के ग्राम विरुरा में सस्ते गल्ले के चावल की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। उचित दर विक्रेता रामचंद्र का बेटा अनुज यादव डाला गाड़ी से चावल ले जाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। जांच में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में घटतौली और गड़बड़ी की पुष्टि हुई है।

लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम विरुरा में सरकारी सस्ते गल्ले के चावल की कालाबाजारी का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। यहां के उचित दर विक्रेता रामचंद्र के बेटे अनुज यादव को चावल से भरी बोरियों को एक डाला गाड़ी में ले जाते समय रंगे हाथों पकड़ा गया। यह कार्रवाई जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने की, जिसमें क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सतीश कुमार, श्रद्धा श्रीवास्तव, पूर्ति निरीक्षक हर्ष मिश्रा और अशोक चौरसिया शामिल थे। पुलिस के सहयोग से टीम ने मौके से 8.51 क्विंटल चावल और एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन जब्त की।

Black marketing of ration rice exposed

गल्ले के चावल की कालाबाजारी का पर्दाफाश (सांकेतिक फोटो)

पूछताछ में अनुज यादव ने स्वीकार किया कि वह अपने पिता की उचित दर दुकान का संचालन करता है और कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा से 1-2 किलो कम चावल देकर शेष चावल को कालाबाजारी में बेचता है। पूर्ति विभाग के अनुसार, जून और जुलाई 2025 के लिए दुकान में 1.45 क्विंटल गेहूं और 1.62 क्विंटल चावल होना चाहिए था, लेकिन घटतौली कर बचाए गए चावल को अनुज कालाबाजारी के लिए ले जा रहा था।

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